धमतरी अनाज भंडारण योजना
धमतरी जिले ने बनाया नया इतिहास
रायपुर, 07 मई 2026।
छत्तीसगढ़ में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन में धमतरी जिला मॉडल बनकर उभरा है।
- धमतरी ने भंडारण बुनियादी ढांचे को मजबूत किया।
- चना खरीदी के मामले में पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा।
4 पैक्स समितियों में 2500 मीट्रिक टन के महा-गोदाम
- NCCF रायपुर ने जिले की चार प्रमुख प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) को गोदाम हायरिंग एश्योरेंस लेटर जारी किया।
- ये समितियाँ हैं: अंवरी, कोसमर्रा, पोटियाडीह (अमदी), कोलियारी।
- प्रत्येक गोदाम की क्षमता 2500 मीट्रिक टन होगी।
- गोदामों को विशेष रूप से चने के वैज्ञानिक भंडारण के लिए तैयार किया गया।
धमतरी की चना खरीदी में दबदबा
- धमतरी जिले ने अब तक 97,000 क्विंटल चना खरीदा।
- प्रारंभिक लक्ष्य 1 लाख क्विंटल रखा गया था, जिसे पूरा करना अब केवल समय की बात है।
- पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में हुई कुल चना खरीदी का लगभग 50% हिस्सा धमतरी से आया।
प्रशासनिक सक्रियता और रणनीति
- योजना को गति देने के लिए एग्रीमेंट और एमओयू प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई।
- NCCF मुख्यालय, नई दिल्ली, और RCS अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठक की तैयारी की जा रही है।
- इससे तकनीकी समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित होगा।
किसानों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय
- धमतरी जिले की सफलता किसानों की मेहनत और प्रशासनिक समन्वय का परिणाम है।
- अनाज की बर्बादी में कमी आएगी और किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलेगा।
- यह मॉडल जिले और प्रदेश में भविष्य के लिए प्रेरणा बन चुका है।
विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना क्या है?
- भारत सरकार ने 31 मई 2023 को यह योजना शुरू की।
- उद्देश्य: गांवों में PACS के माध्यम से भंडारण, प्रोसेसिंग यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करना।
- लाभ:
- परिवहन लागत में कमी
- भंडारण अभाव से होने वाली अनाज बर्बादी पर रोक
- किसानों को बेहतर मूल्य
धमतरी की यह सफलता यह दर्शाती है कि सही प्रशासनिक योजना और किसान सहभागिता से छोटे जिलों में भी बड़े पैमाने पर परिणाम लाए जा सकते हैं।