गर्मियों में वर्कआउट
गर्मियों में वर्कआउट करना फिटनेस के लिए ज़रूरी है, लेकिन बढ़ते तापमान की वजह से यह खतरा भी बन सकता है। ओवरट्रेनिंग या ज्यादा एक्सरसाइज़ करने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ओवरट्रेनिंग सिंड्रोम तब होता है जब कोई व्यक्ति अपने शरीर को इतना ट्रेन कर देता है कि हाथ-पैर में दर्द और थकावट शुरू हो जाती है। गर्मी में यह असर और भी तेज़ हो सकता है।
गर्मियों में ज़्यादा वर्कआउट करने के नुकसान
1. डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन
- गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर से ज़्यादा लिक्विड निकल जाता है।
- सही हाइड्रेशन न होने पर सिरदर्द, जी मिचलाना, कमजोरी और हीट एग्जॉशन जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
2. रिकवरी कमजोर होना
- लगातार ज़ोरदार वर्कआउट करने से मसल्स की मरम्मत और एनर्जी लेवल प्रभावित होते हैं।
- थकान, ताकत में कमी और बर्नआउट का खतरा बढ़ जाता है।
3. मसल क्रैम्प्स का खतरा
- ज्यादा पसीना और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से मसल्स क्रैम्प्स और कमजोरी होने की संभावना बढ़ जाती है।
4. शरीर पर अधिक तनाव
- गर्मी शरीर को अंदर का तापमान कंट्रोल करने के लिए ज्यादा मेहनत कराती है।
- इससे थकावट बढ़ती है और वर्कआउट परफॉर्मेंस कम होती है।
5. खराब न्यूट्रिशन से एनर्जी लेवल गिरना
- पर्याप्त प्रोटीन और सही न्यूट्रिशन न मिलने पर शरीर थका हुआ और कमज़ोर महसूस करता है।
- रिकवरी धीमी होती है और थकान और बढ़ जाती है।
एक्सपर्ट की सलाह
- गर्मियों में वर्कआउट सुबह जल्दी या शाम को करें, जब तापमान कम हो।
- पर्याप्त पानी पिएँ और इलेक्ट्रोलाइट्स का ध्यान रखें।
- हर वर्कआउट के बाद सही न्यूट्रिशन लें, खासकर प्रोटीन।
- अपने शरीर के संकेतों को समझें और ज़्यादा थकावट महसूस होने पर ब्रेक लें।