कौशांबी में मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बलीपुर नारा गांव में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान जमकर बवाल हुआ। आरोप है कि धार्मिक चबूतरे पर गुलाल पड़ने के बाद वर्ग विशेष के लोगों ने विसर्जन यात्रा में शामिल लोगों पर पथराव किया। महिलाओं के साथ अभद्रता की। इस दौरान महिलाओं सहित यात्रा में शामिल सात लोगों को चोटें आई हैं। दूसरे पक्ष से भी चार लोग घायल हैं। सूचना के बाद डीएम और एसपी मौके पर पहुंच गए। स्थिति पर नियंत्रण के बाद पुलिस ने 23 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छह को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को दोबारा माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। इसके बाद एडीजी और आईजी भी पहुंच गए। उन्होंने एसपी से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। कहा किसी के साथ नरमी न बरती जाए।
बलीपुर नारा गांव में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा के बाद शनिवार की दोपहर श्रद्धालु मूर्ति विसर्जन करने जा रहे थे। इस दौरान अबीर-गुलाल उड़ाया जा रहा था। रास्ते में स्थित धार्मिक चबूतरे पर गुलाल पड़ गया। इस पर वर्ग विशेष के लोग विरोध करने लगे। एक युवक ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं ने उससे मोबाइल छीनने का प्रयास किया तो बात बढ़ गई। आरोप है कि विशेष वर्ग के लोगों ने घरों की छतों से पथराव करना शुरू कर दिया। लाठी-डंडा व तलवार से हमला बोल दिया गया। दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। यात्रा में शामिल महिलाओं से बदसलूकी की गई। बवाल की सूचना के बाद डीएम मधुसूदन हुल्गी तथा एसपी बृजेश श्रीवास्तव कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह स्थिति पर काबू पाया। मारपीट-पथराव में दोनों पक्षों के दर्जन भर लोग घायल हुए है। गांव के मंदीप पुत्र दिनेश की तहरीर पर 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अन्य की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी के डर से कई लोग गांव छोड़कर फरार हो गए हैं। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है।
डीजीपी कार्यालय को दी गई घटनाक्रम की जानकारी
बलीपुर नारा गांव में शनिवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए विवाद का मामला शासन तक पहुंच गया है। शासन स्तर पर सख्ती और रविवार को फिर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किए जाने के बाद एडीजी भानु भास्कर व आईजी प्रेम नारायण गौतम खुद मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने एसपी से कार्रवाई का ब्यौरा तलब किया। पूरे घटनाक्रम की जानकारी डीजीपी कार्यालय को दी गई है।
एडीजी ने गांव के लोगों से पूछताछ की। लोगों ने घटना का वीडियो दिखाया। इसके बाद एडीजी ने एसपी से अब तक की कार्रवाई का ब्योरा लिया। बताया गया कि शनिवार को ही 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर हो गई है। इनमें से छह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी लोग गांव छोड़कर गायब हो गए हैं। एडीजी ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी को निर्देश दिया है कि बारीकी से पूरे मामले की जांच की जाए। आरोपियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी न बरती जाए। यह भी कहा कि किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
सईद अहमद पुत्र मो. वसीर, रहमत अली पुत्र शेख अहमद, हसमत अली पुत्र शमी अहमद, करीम पुत्र खलील, समीर पुत्र सगीर, समद पुत्र महताब, जलील अहमद, मुनव्वर, सगीर व खलील पुत्र बाबू, खलील पुत्र मजीद, शमी मोहम्मद पुत्र गुलाम नबी, इदरीश पुत्र हमीद, रहमत अली पुत्र शमी, मो. आशिक पुत्र वहीद अहमद, अलफैज पुत्र नासिर, सोनी पुत्री महताब, बानो पुत्री रहमान अली, सगीर, जलील और करीब की पत्नी।
दोनों पक्षों से यह हुए घायल
यात्रा में शामिल गांव के मनीष कुमार, पूजा देवी, बंटू गुप्ता की बेटी, सुकरू, पप्पू, भरतलाल व मंदीप कुमार को चोटें आई हैं। सभी का मेडिकल कराया गया है। किसी की भी हालत गंभीर नहीं हैं। वहीं, विशेष वर्ग के लोगों ने खलील अहमद, बानो और उसकी बेटी व सेखा के घायल होने की बात कही है। थाना नहीं पहुंचने के कारण इनका मेडिकल नहीं कराया गया।
एसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि गांव में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। नामजद 23 में से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है। मौके पर पीएसी के साथ दो थानों की फोर्स भी लगा दी गई है।