बिजली बिल देर से मिला तो एक फीसदी छूट, उपभोक्ताओं की शिकायत पर प्रबंधन का फैसला

बिजली खर्च की रीडिंग न होने से बिल बनने में होने वाली देरी के बावजूद देय तिथि तक बिल जमा करने पर मिलने वाली छूट जारी रहेगी। तमाम उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि उनके मीटरों की रीडिंग न होने से एक प्रतिशत मिलने वाली छूट नहीं मिल पाती है। केस्को प्रबंधन ने इन शंकाओं पर विराम लगा दिया है। प्रबंधन का कहना है कि लेट बिलिंग होने के बावजूद इस महीने तक 98 प्रतिशत तक रीडिंग हो चुकी है। जिनकी रीडिंग नहीं हुई है, उनका बिल जब भी बनेगा, एक प्रतिशत की छूट उन्हें मिलेगी।

शहर के करीब साढ़े सात लाख बिजली उपभोक्ताओं में से पांच से नौ किलोवाट के 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा रीडिंग न होने की शिकायत थी। केएंडडी पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना करने के बाद रीडिंग में तेजी आई है। जबिक अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं की रीडिंग भी शत प्रतिशत नहीं हो सकी है। इसमें तमाम उपभोक्ताओं की रीडिंग में समस्या होने या गलत बिल की वजह से बिल जमा नहीं हो पा रहा है।

एक्सईएन सर्वेश पांडेय ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग समय से नहीं हो सकी है तो बाद में जो बिल बनाएगा, उसमें रीडिंग अधिक होने के बाद भी कुल बिल पर एक प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। बिल पर अंकित देय तिथि के पहले बिल जमा करने पर यह छूट मिलेगी।

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