विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण: जगदलपुर एयरपोर्ट पर विमानन क्षेत्र की कार्यप्रणाली से जोड़ा गया ज्ञान


शैक्षणिक भ्रमण


📝 आर्टिकल (400+ शब्द)

उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़: कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में शासकीय पीएम विद्यालय नरहरपुर और नरहरदेव के विद्यार्थियों का जगदलपुर एयरपोर्ट का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण विद्यार्थियों को पारंपरिक कक्षा शिक्षण से आगे बढ़कर व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


🌟 शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य

कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने इस पहल के महत्व को बताते हुए कहा, “यह प्रयास बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है, ताकि वे अपने भविष्य के प्रति सजग और सक्षम बन सकें।” उन्होंने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि जब बच्चे किसी क्षेत्र को प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं, तो उनका आत्मविश्वास और सीखने की जिज्ञासा दोनों बढ़ते हैं।


✈️ विमानन क्षेत्र की कार्यप्रणाली से परिचय

इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को एयरपोर्ट की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, चेक-इन प्रक्रिया, रनवे संचालन, और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बच्चों को सरल और रोचक तरीके से विमानन क्षेत्र की जटिलताओं को समझाया, जिससे बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया।


💡 विद्यार्थियों का उत्साह और जिज्ञासा

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न तकनीकी पहलुओं को नजदीक से समझा और अनेक प्रश्न पूछे, जिससे उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और उनके ज्ञान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बच्चों ने एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रणाली, विमान संचालन, और यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें जानी।


👨‍🏫 शिक्षक और स्टाफ का योगदान

इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यालय के शिक्षक और स्टाफ उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा और मार्गदर्शन सुनिश्चित किया। उनके निर्देशन में बच्चों ने हर पहलू को समझने की कोशिश की और इस अनुभव का भरपूर लाभ उठाया।


🗣️ जिला पंचायत के CEO का संदेश

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मडावी ने भी इस पहल की सराहना की और कहा, “ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के भ्रमण अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि इससे उन्हें आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है।” उन्होंने बताया कि इस अनुभव से बच्चों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरणा मिलती है और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

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