समरसता भोज
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रायपुर, छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में भाग लिया, जो डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ बैठकर भोजन किया और स्वयं उन्हें भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
🏛️ संविधान की महत्ता और समरसता की शक्ति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और इसका संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। इसके निर्माण का श्रेय हमें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को जाता है, जिन्होंने इस संविधान के माध्यम से देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार दिया।” उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब का संघर्ष और उनकी निष्ठा हमेशा समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रही है।
मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के जीवन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति के बल पर समाज में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का कार्य किया। उनका जीवन समाज के सुधार और नारी शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रेरणास्त्रोत रहा है।
🌸 सामाजिक समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया कि समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज हम सबको मिलकर अपने समाज की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत करना होगा। इस आयोजन ने सबको यह संदेश दिया कि समाज में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए और हम सभी को मिलकर आगे बढ़ने की दिशा में काम करना चाहिए।
💪 बाबा साहेब का योगदान
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि बाबा साहेब ने महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा शुरू किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के आंदोलन को और आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को ‘पंच तीर्थ’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे बाबा साहेब को सच्चा और स्थायी सम्मान मिल रहा है।”
🙌 समाज में समानता का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा, और समरसता का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समरसता भोज जैसे कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
विधायक किरण सिंह देव ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए और कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को एक मजबूत व्यवस्था दी, जिससे वे आगे बढ़ सके। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार की तारीफ की, जो अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
🌟 समरसता भोज की उपस्थिति
इस आयोजन में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।