अडानी एंटरप्राइजेज
देश की प्रमुख कंपनियों में शामिल अडानी एंटरप्राइजेज एक बार फिर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। सिंगापुर की निवेश कंपनी हेलियोस कैपिटल मैनेजमेंट ने कंपनी में बड़ा निवेश करते हुए दूसरी तिमाही के दौरान करीब 7.7 लाख शेयर खरीदे हैं। विदेशी निवेशक की इस बड़ी हिस्सेदारी के बाद बाजार में अडानी समूह की विकास योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, हेलियोस कैपिटल ने अपने तीन अलग-अलग फंडों के माध्यम से अडानी एंटरप्राइजेज में निवेश किया है। इनमें से दो फंडों ने पहली बार कंपनी के शेयर खरीदे हैं। इसे विदेशी संस्थागत निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
शेयर में शानदार उछाल
विदेशी निवेश की खबर के बीच अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली।
मुख्य आंकड़े:
- शुक्रवार को शेयर करीब 2.26% बढ़कर 3,155.15 रुपये पर पहुंचा।
- जुलाई 2026 में शेयर ने 3,245 रुपये का 52 सप्ताह का उच्च स्तर छुआ।
- मार्च 2026 में शेयर 1,753.45 रुपये के 52 सप्ताह के निचले स्तर पर था।
- कुछ ही महीनों में शेयर ने मजबूत रिकवरी दर्ज की है।
हेलियोस कैपिटल को क्यों है भरोसा?
हेलियोस कैपिटल मैनेजमेंट के संस्थापक समीर अरोड़ा ने कहा कि अडानी समूह की सबसे बड़ी ताकत उसकी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी पहले से अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में निवेश कर चुकी है और समूह के निष्पादन पर उन्हें पूरा भरोसा है।
उन्होंने कहा कि अडानी समूह अब केवल पोर्ट और ऊर्जा कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के हाई-ग्रोथ सेक्टरों में भी तेजी से विस्तार कर रहा है।
डेटा सेंटर और AI पर बड़ा फोकस
समीर अरोड़ा के अनुसार, अडानी समूह आने वाले वर्षों में करीब 100 अरब डॉलर का निवेश डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में करने की योजना बना रहा है।
उनका मानना है कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग अभी शुरुआती चरण में है। ऐसे में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा प्रोसेसिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग का लाभ अडानी समूह को मिल सकता है।
हेलियोस किन सेक्टरों में कर रही निवेश?
हेलियोस कैपिटल ने हाल के समय में कई उभरते क्षेत्रों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इनमें शामिल हैं—
- फाइनेंशियल सर्विसेज
- कैपिटल गुड्स
- डिफेंस
- पावर इंफ्रास्ट्रक्चर
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS)
- कंज्यूमर सेक्टर
समीर अरोड़ा ने ईटर्नल लिमिटेड (पूर्व में जोमैटो) और वन97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) को भी अपनी पसंदीदा कंपनियों में शामिल बताया।
फ्रांस की कंपनी के साथ नई साझेदारी
अडानी एंटरप्राइजेज ने फ्रांस की क्लीन-टेक कंपनी डाइऑक्सीकल के साथ कम-कार्बन रसायनों के उत्पादन के लिए रणनीतिक साझेदारी की है।
इस परियोजना के तहत संग्रहित कार्बन डाइऑक्साइड और नवीकरणीय बिजली का उपयोग कर फॉर्मिक एसिड का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए अडानी समूह के एक औद्योगिक परिसर में नया प्लांट स्थापित किया जाएगा।
हरित तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को उपयोगी औद्योगिक रसायनों में बदलना है। शुरुआती चरण की सफलता के बाद दोनों कंपनियां इस तकनीक का व्यावसायिक विस्तार करने की योजना बना रही हैं।
फॉर्मिक एसिड का उपयोग कई उद्योगों में किया जाता है, जिनमें प्रमुख हैं—
- वस्त्र उद्योग
- कृषि
- रसायन उद्योग
- विनिर्माण क्षेत्र
- चमड़ा उद्योग
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की योजनाएं और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ नई साझेदारियां यह संकेत देती हैं कि अडानी एंटरप्राइजेज भविष्य के विकास वाले क्षेत्रों पर तेजी से काम कर रही है।
हालांकि, शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी कंपनी के शेयर में निवेश करने से पहले उसके वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्यों का मूल्यांकन करना आवश्यक है। विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही निवेश संबंधी निर्णय लेना बेहतर माना जाता है।