स्वास्थ्य शिविर
इंद्रावती पार पहुंचे स्वास्थ्य शिविर ने बदली ग्रामीणों की जिंदगी
रायपुर, 21 मई 2026 – बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के नूगुर, हिंगमेटा और हुर्रागवाली जैसे अत्यंत दुर्गम और अंदरूनी गाँवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाल ही में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।
कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में यह शिविर ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने का एक बड़ा कदम साबित हुआ। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बावजूद टीम ने 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
कठिन रास्तों के बावजूद टीम का साहस
- उप स्वास्थ्य केंद्र, नूगुर से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित यह इलाका प्राकृतिक और प्रशासनिक दोनों चुनौतियों से भरा है।
- स्वास्थ्य टीम को 2 किलोमीटर चौड़ी इंद्रावती नदी पार करनी पड़ी।
- लंबे समय तक इन गाँवों में सरकारी योजनाओं की पहुँच मुश्किल थी।
इस प्रयास ने साबित कर दिया कि स्वास्थ्य सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना अब संभव है।
ग्रामीणों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ी
- पहले ग्रामीण स्वास्थ्य परीक्षण और बच्चों के टीकाकरण से कतराते थे।
- अब, लोग स्वयं स्वास्थ्य शिविर में आकर जाँच करवा रहे हैं।
- बच्चों का नियमित टीकाकरण होने से बीमारी के खतरे में कमी आई।
ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर भरोसा जताया, जिससे जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव दिखने लगा है।
स्वास्थ्य शिविर का विस्तृत विवरण
ग्राम नूगुर (कुल 207 मरीज)
- एनसीडी स्क्रीनिंग: 75
- बुखार: 03
- खुजली: 05
- गर्भवती महिला जाँच: 01
- अन्य सामान्य परीक्षण: 123
ग्राम हिंगमेटा (कुल 125 मरीज)
- एनसीडी स्क्रीनिंग: 42
- खुजली: 02
- अन्य सामान्य परीक्षण: 81
ग्राम हुर्रागवाली (कुल 310 मरीज)
- एनसीडी स्क्रीनिंग: 115
- बुखार: 05
- खुजली: 03
- अन्य सामान्य परीक्षण: 187
कुल परीक्षण: 642 ग्रामीण
शासन की योजनाएँ पहुँची अंतिम छोर तक
- यह स्वास्थ्य शिविर केवल इलाज तक सीमित नहीं था।
- ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और स्वास्थ्य चेतना बढ़ी।
- नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से अब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे गाँवों तक पहुँच रहा है।