भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए ऊर्जा, रक्षा, समुद्री, प्रौद्योगिकी और आर्थिक क्षेत्रों में छह महत्वपूर्ण समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर यूएई ने भारत में 5 अरब डॉलर निवेश करने की भी घोषणा की।
प्रमुख समझौते और सहयोग
ऊर्जा क्षेत्र
इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (आईएसपीआरएल) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) ने भारत में विशाखापत्तनम और चांदीकोल में तीन करोड़ बैरल तक कच्चे तेल के भंडारण की संभावनाओं पर समझौता किया।
एलएनजी और एलपीजी भंडारण में सहयोग, और दीर्घकालिक आपूर्ति एवं खरीद समझौतों पर विचार।
इंडियन ऑयल लिमिटेड (आईओसीएल) और एडीएनओसी के बीच एलपीजी आपूर्ति पर रणनीतिक सहयोग।
रक्षा क्षेत्र
औद्योगिक सहयोग, उन्नत प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और विशेष संचालन।
समुद्री सुरक्षा, साइबर रक्षा और सुरक्षित संचार के लिए ढांचा स्थापित।
समुद्री और शिपबिल्डिंग क्षेत्र
कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) और ड्राईडकॉक्स वर्ल्ड (डीडीडब्ल्यू) ने शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन के तहत भारतीय समुद्री कार्यबल को प्रशिक्षित और रोजगार देने का ढांचा तैयार।
प्रौद्योगिकी क्षेत्र
भारत के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सीडैक) और यूएई के जी-42 ने भारत के एआई मिशन के तहत 8 एक्साफ्लॉप सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने पर समझौता किया।
आर्थिक और निवेश सहयोग
अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) और भारत के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट फंड (एनआईआईएफ) द्वारा 1 अरब डॉलर का निवेश।
एमिरेट्स न्यू डेवलपमेंट बैंक (ईएनबीडी) द्वारा 3 अरब डॉलर का निवेश।
इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा सममान कैपिटल ऑफ़ इंडिया में 1 अरब डॉलर का निवेश।
क्या मतलब है भारत-यूएई समझौतों का?
ऊर्जा और रक्षा क्षमताओं में सुधार।
प्रौद्योगिकी और AI में सहयोग से डिजिटल और नवाचार क्षेत्र में विकास।
समुद्री क्षेत्र और शिपबिल्डिंग में पेशेवर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर।
निवेश से आर्थिक विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी।