छत्तीसगढ़ में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित, वीडियो कॉन्फ्रेंस में निर्देश जारी

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026


छत्तीसगढ़ में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का कड़ाई से पालन

रायपुर, 13 मई 2026: भारत सरकार और राज्य सरकारों के शीर्ष अधिकारियों की वर्चुअल बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के कार्यान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का आयोजन उच्चतम न्यायालय के नवीन निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए किया गया।

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए की जा रही गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।


कलेक्टरों को दिए गए विस्तृत दिशा-निर्देश

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:

  • सभी जिलों में विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।
  • जिला कलेक्टर कचरा डंपिंग साइट्स का वर्चुअल और भौतिक निरीक्षण करेंगे।
  • निरीक्षण की प्रगति रिपोर्ट राज्य शासन के नामित सचिवों को भेजी जाएगी।

नियमों के अनुसार अब छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में रहने वाले नागरिकों के लिए कचरे का पृथकरण अनिवार्य है।


नागरिकों के लिए अपशिष्ट प्रबंधन नियम

नागरिकों को अपने घरों में कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में रखना होगा:

  • गीला कचरा – रसोई घर का जैविक अपशिष्ट
  • सूखा कचरा – रीसाइक्लिंग योग्य सामग्री

साथ ही, राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।


वीडियो कॉन्फ्रेंस में अन्य विभागों की भागीदारी

बैठक में भारत सरकार के विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए, जिनमें:

  • वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
  • आवासन एवं शहरी कार्य विभाग
  • पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग

साथ ही, देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे और अपने-अपने राज्यों में अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति साझा की।

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