‘1946 के हालात बनाना चाहते हैं जिहादी’, विहिप बोली-राहुल-अखिलेश दे रहे उनको कवर फायर

विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नारा ‘बटोगे तो कटोगे’ साम्प्रदायिक नारा नहीं है, बल्कि वास्तविकता है। यह बात हिंदू संगठन के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेन्द्र जैन ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कही। इस दौरान उन्होंने पिछले साल जनवरी से इस साल अक्टूबर तक देश में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हुए 300 से अधिक कथित हमलों की सूची भी जारी की।

जैन ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिहादी मानसिकता के लोग देश में खुलेआम धमकियां दे रहे हैं और देश में 1946 के हालात बनाना चाहते हैं। 1946 से जैन का आशय पाकिस्तान निर्माण की मांग को लेकर जिन्ना के बताए डायरेक्ट एक्शन-डे से था। जिसमें जिन्ना समर्थकों ने उनके कहने पर देश को सांप्रदायिक दंगों की आग में झोंककर जमकर खून बहाया था।

जैन ने दावा करते हुए कहा कि, ‘भारत में जिहादी तत्व लगातार हिंदू समाज, उनके त्योहारों और मंदिरों पर हमला करते रहे हैं। 300 से ज्यादा घटनाओं की इस सूची में सिर्फ जनवरी 2023 से लेकर छठ पूजा 2024 के बीच हुए हमले और अत्याचार शामिल हैं।’ उन्होंने बताया कि यह इस अवधि के दौरान हुए अत्याचारों और हमलों का सिर्फ दसवां हिस्सा है।

विहिप के संयुक्त महासचिव ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और शरद पवार जैसे नेता इन जिहादियों के खिलाफ कुछ बोलना तो दूर उन्हें कवर फायर देने में लगे हुए हैं। योगी की ‘बंटोगे तो काटोगे’ टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर जैन ने कहा, ‘यह कोई नारा नहीं बल्कि वास्तविकता है। यह सांप्रदायिक नहीं बल्कि मौजूदा स्थिति का विश्लेषण है।’उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता है जिसे हिंदुओं को समझना चाहिए।

सुरेंद्र जैन ने कहा कि, ‘इन दिनों जिस तरह की धमकियां दी जा रही हैं, अभी जयपुर में एक सम्मेलन हुआ था, वहां किस तरह की बातें कही गईं।’ वहां कहा गया ‘हम दिल्ली आएंगे, हमारे जवान जब सड़कों पर उतर जाएंगे तो कोई संभाल नहीं पाएगा, कोई छोटे भाई की धमकी देता है कि छोटा अगर खुलकर गया तो क्या होगा, संभाल नहीं पाओगे।’

जैन ने बताया कि ‘इस तरह की जो धमकियां हैं, वो उनकी जिहादी मानसिकता के अनुरूप है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘विश्व हिंदू परिषद की लीगल टीम इसका अध्ययन कर रही है और इन सबके ऊपर कानूनी कार्रवाई की क्या संभावनाएं हैं वो तलाश की जा रही हैं।

आगे उन्होंने कहा, ‘लेकिन इससे भी जो आश्चर्यजनक राहुल गांधी, अखिलेश यादव और शरद पवार जैसे सेक्यूलर नेताओं की चुप्पी है। जो ना केवल इन जिहादियों को लेकर चुप हैं बल्कि इनको कवर फायर भी दे रहे हैं। ऐसा लगता है ये सब मिलकर 1946 की स्थिति निर्माण करना चाहते हैं, धमकी भी दे चुके हैं, ये सब डायरेक्टर एक्शन की स्थिति लाना चाहते हैं।’

आगे जैन ने कहा, ‘केरल से लेकर कश्मीर तक आज वही दृश्य हमें दिखाई भी दे रहे हैं। मैं स्पष्ट रूप से उन्हें बता देना चाहता हूं कि ये 1947 नहीं है। आज हिंदू संगठित हो चुका है। संवैधानिक दायरे में रहकर हम हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।’

वरिष्ठ विहिप पदाधिकारी ने यह टिप्पणी तब की है जब कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने भाजपा और आरएसएस पर महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों से पहले योगी के ‘बटोगे तो काटोगे’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक हैं तो सुरक्षित हैं’ वाले बयानों को बढ़ावा देकर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया है।

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