संशोधित NPS
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। अब संशोधित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (Revised NPS) वैकल्पिक हो गई है। यानी कर्मचारी अपनी पसंद के अनुसार इसे चुन सकते हैं या पुराने ढांचे के तहत रह सकते हैं। यह फैसला वित्त विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक परिपत्र (Circular) में स्पष्ट किया गया है।
संशोधित NPS को अपनाने का विकल्प
- यह योजना केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगी जो निर्धारित समयसीमा के भीतर इसका चयन करेंगे।
- पात्र और इच्छुक कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2026 तक संशोधित योजना में शामिल होने का विकल्प मिलेगा।
- सरकार ने पहले केंद्रीय यूपीएस (Unified Pension Scheme) के अनुरूप यह योजना लागू करने की मंजूरी दी थी।
पेंशन की गणना और लाभ
- 20 वर्ष या अधिक सेवा वाले कर्मचारी: अंतिम वेतन का 50% पेंशन + महंगाई भत्ता।
- 10–20 वर्ष सेवा वाले कर्मचारी: अंतिम वेतन के आधार पर सेवा अवधि के अनुपात में पेंशन।
- 10 वर्ष से कम सेवा वाले कर्मचारी: पेंशन लाभ के पात्र नहीं।
- न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह तय की गई है।
परिवार पेंशन और एन्युटी
- परिवार पेंशन के रूप में स्वीकृत पेंशन का 60% महंगाई राहत सहित दी जाएगी।
- संशोधित योजना चुनने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय PF/RDA से प्राप्त कुल राशि का 60% सरकार के डीडीओ के माध्यम से जमा करना होगा।
- शेष 40% राशि एन्युटी (Annuity) खरीदने के लिए उपयोग होगी, जिसे पेंशन के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा।
नियम और शर्तें
- NPS कोष से पूर्व की गई किसी भी निकासी को 10% ब्याज सहित वापस करना होगा।
- ऐसा न करने पर पेंशन पात्रता अनुपात में घटाई जाएगी।
- सेवा से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी संशोधित योजना के तहत पेंशन के पात्र नहीं होंगे।
- मार्च 2023 के आदेशों के अनुसार, सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी लागू होगी।
किन कर्मचारियों पर लागू होगी
संशोधित योजना का प्रावधान निम्नलिखित पर भी लागू होगा:
- सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान
- कृषि विश्वविद्यालय और संबद्ध गैर-सरकारी महाविद्यालय
- जिला परिषद और पंचायत समिति के कर्मचारी
आगे की प्रक्रिया
- वित्त विभाग ने कहा कि पेंशन के वितरण के लिए विस्तृत प्रक्रिया अलग से जारी की जाएगी।
- यह नई व्यवस्था कर्मचारियों को पेंशन के विकल्पों में अधिक लचीलापन और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी।