दिल्ली में दौड़ने वाली सार्वजनिक परिवहन की बसों में महिला सुरक्षा के लिए एक बार फिर से 10 हजार मार्शलों की तैनाती होगी। आम आदमी पार्टी ने एक्स पर अपने पोस्ट में ऐसा दावा किया है। आम आदमी पार्टी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि रविवार को दिल्ली सरकार की कैबिनेट मिटिंग में इस बारे में प्रस्ताव पारित किया गया। बसों में मार्शलों की नियुक्ति को लेकर कैबिनेट से पारित प्रस्ताव को एलजी के पास भेजा गया है।
आम आदमी पार्टी ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा- ‘दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। आज बस मार्शलों की बहाली के मुद्दे को लेकर दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार की कैबिनेट की अहम बैठक हुई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री आतिशी को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें तत्काल प्रभाव से बसों में मार्शल बहाल करने की सिफारिश की गई थी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को पास कर एलजी के पास भेजा है।’
बता दें कि साल 2017-18 में दिल्ली सरकार ने बसों में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और डीटीसी बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का हवाला देते हुए बस मार्शलों को तैनात किया था। हालांकि वित्त और राजस्व विभागों की आपत्ति के बाद 1 नवंबर, 2023 से नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों (सीडीवी) को हटा दिया गया था। इस बारे में कहा गया था कि सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स की तैनाती का मकसद आपदा न्यूनीकरण संबंधी कार्यों में सेवा देना था। ऐसे में बस मार्शलों के रूप में उनकी तैनाती गलत थी।
अभी एक दिन पहले ही शनिवार को मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा था कि दिल्ली सरकार सोमवार को 10 हजार बस मार्शलों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेगी। दिल्ली सरकार जल्द ही उपराज्यपाल वीके सक्सेना को उनकी स्थायी नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भी भेजेगी। अगले चार महीने तक बस मार्शल और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में योगदान देंगे। मार्शलों के लिए सोमवार से कॉल-आउट नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद वे विभिन्न डीएम कार्यालयों में रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। रजिस्ट्रेशन के दो-तीन दिनों के भीतर ही प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों के लिए उन्हें तैनात कर दिया जाएगा।