जबलपुर क्रूज हादसा
हादसे का घटनाक्रम:
मध्य प्रदेश के जबलपुर में पर्यटन के लिए संचालित एक क्रूज हादसे का शिकार हो गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं। इस हादसे के बाद क्रूज के चालक दल पर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। चश्मदीदों का दावा है कि क्रूज में यात्रा करने वाले अधिकांश लोगों को पहले से लाइफ जैकेट नहीं दिए गए थे, और जब नाव में पानी भरने लगा, तो अचानक लाइफ जैकेट बांटे गए।
क्रूज पायलट का दावा:
- महेश पटेल का बयान:
क्रूज के पायलट महेश पटेल ने इस हादसे के बाद बयान दिया है कि जब क्रूज ने यात्रा शुरू की, तब कोई तूफान नहीं था। उन्होंने बताया कि “हवा हल्की चल रही थी” और यात्रा के दौरान मौसम में अचानक बदलाव हुआ, जिससे हवा तेज हो गई। महेश के अनुसार, नाव में पानी भरने के बाद ही यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गईं, लेकिन उन्होंने यह भी दावा किया कि “कुछ लोग डांस कर रहे थे और इसलिए उन्होंने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी”।- उन्होंने कहा, “मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन नाव को किनारे नहीं लगा सका।”
- पायलट का यह भी कहना था कि “मैं पिछले तीन दिनों से बिना खाए-पिए हूं, और यह हादसा मेरे लिए बेहद कठिन है।”
घटना के बाद के हालात:
- हादसे में मौतें और लापता लोग:
इस घटना में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं। बचाव अभियान में सेना के गोताखोर और आपदा राहत टीमें जुटी हुई हैं। लापता लोग खमरिया आयुध कारखाने के कर्मचारी कमराज और उनके परिवार के सदस्य हैं।- लापता लोग: कमराज (पिता), तमिल (बेटा, 5 साल), विजय सोनी (बेटी, 6 साल), मयूरम (बच्चा, 5 साल) अभी भी लापता हैं।
- बचाव अभियान:
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के गोताखोरों ने अभियान जारी रखा है। तलाशी का दायरा बढ़ाकर पांच किलोमीटर कर दिया गया है। हालांकि, तेज हवाओं के कारण बचाव अभियान में कुछ रुकावटें आईं।
लापरवाही और सुरक्षा चूक:
- क्रूज चालक दल की लापरवाही:
चश्मदीदों ने बताया कि जब नाव में पानी भरने लगा, तो चालक दल ने लाइफ जैकेट बांटने में आनन-फानन में काम किया। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल था। कुछ यात्रियों का आरोप है कि चालक दल ने पहले से उन्हें लाइफ जैकेट नहीं दिए थे, और “तूफान के बाद ही ये काम किया गया”।- क्रूज संचालन के दौरान कई लोगों ने चालक दल से नाव को किनारे ले जाने की भी गुजारिश की थी, लेकिन चालक दल ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
- जांच और कार्रवाई:
राज्य सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और तीन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही, इस तरह की नौकाओं के संचालन पर अस्थायी रोक भी लगा दी गई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी जारी है।
मौसम के हालात और सुरक्षा चूक:
- मौसम की जानकारी की कमी:
पायलट महेश पटेल ने स्वीकार किया कि उन्हें मौसम के बारे में कोई चेतावनी नहीं मिली थी। उनका कहना था कि “नाव किसी अन्य वस्तु से नहीं टकराई, और मैंने अपनी पूरी कोशिश की”।- उनके अनुसार, क्रूज का रखरखाव “हर सोमवार को किया जाता है” और क्रूज में कोई तकनीकी समस्या नहीं थी।