“राशन वितरण में घोटाला: कोबरा जिले में उचित मूल्य दुकानों पर FIR, कार्रवाई तेज”

राशन वितरण अनियमितताएं


कोबरा जिले में राशन वितरण में अनियमितताओं के कारण कार्रवाई की गूंज

रायपुर, छत्तीसगढ़: कोबरा जिले में सरकारी राशन वितरण में घोटालों का पर्दाफाश हुआ है, जिसके बाद प्रशासन ने गंभीर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दौरान कई उचित मूल्य दुकानों के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कदम तब उठाया गया जब खाद्य विभाग को राशन वितरण में अनियमितताएं और घोटालों की कई शिकायतें मिलीं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न क्षेत्रों में जांच की, जिसके बाद कई दोषी पाए गए और उन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

कोबरा जिले में तीन प्रमुख दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं, जो यह साबित करती हैं कि सरकारी राशन वितरण प्रणाली में कितनी गड़बड़ियां हो सकती हैं।

  1. कोरकोमा स्थित दुकान:
    • 197.45 क्विंटल चावल और 22.82 क्विंटल नमक का व्यपवर्तन।
    • लगभग 435 राशन कार्डधारियों को राशन वितरण में देरी।
    • इन आरोपों के आधार पर संचालक को नोटिस जारी कर एफआईआर दर्ज की गई।
  2. खोड्डल की उचित मूल्य दुकान:
    • 334.98 क्विंटल चावल और 6 क्विंटल शक्कर का व्यपवर्तन।
    • दुकान का नियमित संचालन न होने और सीमित दिनों में वितरण की शिकायतें सही पाई गईं।
    • खाद्य विभाग ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कार्रवाई की है।
  3. पटपरा (विकासखंड पाली) की दुकान:
    • 422 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण हुआ था, फिर भी उन्हें राशन वितरण नहीं किया गया।
    • इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराई गई है और जांच जारी है।

क्यों हो रही है यह कार्रवाई?

अधिकारियों के अनुसार, राशन वितरण में घोटाले का मुख्य कारण कर्मचारियों और दुकानों की लापरवाही है। यह मामले न केवल गरीबों और जरूरतमंदों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि यह सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता को भी ठेस पहुंचाते हैं। प्रशासन ने इस बार सख्त कदम उठाने का मन बनाया है ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताएं न हो और राशन वितरण व्यवस्था पारदर्शी और समय पर हो सके।

खाद्य विभाग की आगामी कार्रवाई

खाद्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो राशन समय पर वितरित नहीं किया गया है, उसका वितरण अप्रैल महीने में सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, जो भी अनियमितताएं उजागर हुई हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

जिला प्रशासन का कड़ा संदेश

जिला प्रशासन ने कहा है कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे आगे भी जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हो, ताकि लाभार्थियों को समय पर राशन मिल सके और सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर विश्वास बना रहे।

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