पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत की हत्या के दोषी बलवंत सिंह की दया याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के सचिव को आदेश दिया है कि वह राष्ट्रपति के सामने दया याचिका रखें और दो सप्ताह में कंसीडर करने का निवेदन करें। साल 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की दर्दनाक हत्या कर दी गई थी।
दअसल घटना 31 अगस्त 1995 की है जब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह रोज की तरह सचिवालय में थे। वह किसी काम से बाहर निकल रहे थे। सचिवालय से निकलते ही जैसे वह अपनी कार में बैठने वाले थे, वहां मौजूद पंजाब पुलिस के एक जवान दिलावर सिंह बब्बर ने खुद पर बंधे बम में विस्फोट कर लिया। इस विस्फोट में मुख्यमंत्री के साथ सत्रह लोग मारे गए थे। मंजर इतना दर्दनाक था कि देखना मुश्किल था। चारों पर लाशों को चीथड़े पड़े थे।
बलवंत सिंह राजोआना को 2007 में हत्या में शामिल होने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में 15 लोगों को आरोपी बनाया गया था। उसमें जगतार सिंह हवारा और बलवंत सिंह राजोआना को मौत की सजा दी गई थी।