पखांजूर विशेष न्यायालय का निर्णय, पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
कांकेर (पखांजूर): जिला उत्तर बस्तर कांकेर के पखांजूर थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय पखांजूर (पॉक्सो एक्ट) ने कड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
घटना का विवरण:
प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 अगस्त 2021 को सिविल अस्पताल पखांजूर से एमएलसी मेमो मिलने पर पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। पीड़िता (उम्र 7 वर्ष) और उसकी माँ से पूछताछ में सामने आया कि बच्ची साबुन लेने घर से बाहर गई थी और काफी देर तक वापस नहीं लौटी। बाद में वह घर में रोते हुए मिली। पूछताछ में बच्ची ने बताया कि आरोपी गोविन्द मंडल ने उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर दुष्कर्म किया।
मामले में थाना पखांजूर में आरोपी गोविन्द मंडल निवासी पीव्ही-36 चांदीपुर के खिलाफ धारा 363, 366, 376 सहित पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
जांच और साक्ष्य:
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल निरीक्षण, पीड़िता व गवाहों के बयान, कपड़े और ब्लड सैंपल सहित एफएसएल जांच कराई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया।
अदालत का फैसला:
माननीय विशेष न्यायालय पखांजूर के न्यायाधीश विजय कुमार मिंज ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त 3 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।
पुलिस की प्रतिक्रिया:
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने कहा कि यह फैसला महिला सुरक्षा और न्याय के प्रति न्यायालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पुलिस ने संवेदनशीलता के साथ जांच कर मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए।
पुलिस की अपील:
कांकेर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 94791-55125 जारी किया गया है, जहां सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।