तेंदूपत्ता संग्राहक
छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को बड़ी आर्थिक सौगात दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक (मजदूरी) दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी है। साथ ही, प्रोत्साहन राशि का भुगतान अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में किया जा रहा है।
इसी क्रम में केशकाल वनमंडल के 2,803 पात्र तेंदूपत्ता संग्राहकों के खातों में वर्ष 2023 के संग्रहण के लिए 40 लाख 39 हजार 891 रुपये की प्रोत्साहन राशि ऑनलाइन हस्तांतरित की जा रही है। इस पहल से हजारों वनाश्रित परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मजदूरी बढ़ने से बढ़ेगी आय
राज्य सरकार द्वारा संग्रहण पारिश्रमिक बढ़ाने का निर्णय सीधे तौर पर तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत—
- मजदूरी 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है।
- भुगतान सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से बैंक खातों में किया जा रहा है।
- बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से भुगतान अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हुआ है।
2,803 संग्राहकों को मिला सीधा लाभ
जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, केशकाल के अनुसार—
- वर्ष 2023 के संग्रहण के लिए 2,803 संग्राहकों को लाभ दिया जा रहा है।
- कुल 40.39 लाख रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है।
- राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ऑनलाइन भेजी जा रही है।
इस भुगतान से केशकाल और खालेमुरवेंड क्षेत्र के हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन भुगतान से बढ़ी पारदर्शिता
वन विभाग ने भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है।
अब—
- एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान हो रहा है।
- संग्राहकों को समय पर राशि मिल रही है।
- भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हुई है।
- बैंक खाते में सीधे राशि पहुंचने से किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हुई है।
वनाश्रित परिवारों को मिलेगा आर्थिक संबल
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार वनाश्रित परिवारों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सरकार का मानना है कि—
- समय पर भुगतान से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़ी आजीविका को नई मजबूती मिलेगी।
- वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आय में स्थायी वृद्धि होगी।
समय पर भुगतान विभाग की प्राथमिकता
केशकाल वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक समय पर उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि—
- डीबीटी के माध्यम से भुगतान पूरी तरह पारदर्शी है।
- हितग्राहियों को बिना किसी देरी के राशि मिल रही है।
- डिजिटल भुगतान व्यवस्था से प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद बनी है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
तेंदूपत्ता संग्रहण छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। मजदूरी बढ़ने और प्रोत्साहन राशि मिलने से—
- ग्रामीण बाजारों में क्रय शक्ति बढ़ेगी।
- वनाश्रित परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
- वन उपज आधारित आजीविका को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रमुख बातें एक नजर में
- तेंदूपत्ता संग्रहण की मजदूरी 4,000 से बढ़कर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा।
- केशकाल वनमंडल के 2,803 संग्राहकों को मिला लाभ।
- 40.39 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित।
- डीबीटी के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी भुगतान।
- एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम से मिली नई सुविधा।
- वनाश्रित परिवारों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की पहल।