बच्चों की जान बचाने वाले जांबाजों को 11-11 लाख से किया जाए सम्मानित, सपा ने BJP सरकार से की मांग

यूपी के झांसी मेडिकल कॉलेज में लगी भीषण आग ने दिल दहला दिया। हादसे में 12 मासूमों की जान चली गई, लेकिन कुछ जांबाजों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई बच्चों को बचाया। इन साहसी प्रयासों की सराहना करते हुए समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार से इन्हें पुरस्कृत करने की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी ने लिखा है कि झांसी की घटना में जिन लोगों ने नवजात बच्चों की जान बचाई, उन सभी को भाजपा सरकार 11-11 लाख रुपये से पुरुस्कृत करे। साथ ही भविष्य में समाजवादी पार्टी इन सभी को सम्मानित करेगी।

झांसी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात आग के तांडव मचाने के दौरान भगदड़ के बीच कुछ चेहरे ऐसे भी थे, जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर नन्हें मासूमों को बचाया। इनमें से एक हमीरपुर के रहने वाले याकूब भी थे। उन्होंने धुएं और गुबार के बीच मुंह पर कपड़ा बांधकर वार्ड में घुसे और एक-एक करके सात नवजातों को खिड़की से बाहर निकाला। हालांकि वह अपनी जुड़वां बेटियों को नहीं बचा सके। उनकी बीवी नजमा ने आठ दिन में अपनी दोनों जुड़वां बेटियों का चेहरा ठीक तरह से भी नहीं देख पाई थी।

याकूब की तरह एक नर्स ने जज्बा दिखाते हुए स्टाफकर्मियों की मदद से 15 बच्चों को बचाकर बाहर निकालन में सफलता हासिल की थी। शुक्रवार को हुई घटना के वक्त नर्स मेघा जेम्स ड्यूटी पर थीं। अस्पताल के नवजात शिशु चिकित्सा इकाई में अचानक आग लगने पर जहां एक तरफ अफरा-तफरी मची थी वहीं मेघा ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अन्य स्टाफकर्मियों की मदद से करीब 15 बच्चों को बचाने में सफलता हासिल की।

बच्चों को बचाते वक्त मेघा के कपड़ों का एक हिस्सा जल गया लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। मेघा ने घटना का जिक्र करते हुए कहा, “मैं एक बच्चे को टीका लगाने के लिए सिरिंज लेने गई थी। जब मैं वापस आई तो मैंने देखा कि (ऑक्सीजन) कंसंट्रेटर में आग लगी हुई थी। मैंने वार्ड बॉय को बुलाया। वह आग बुझाने वाले यंत्र को लाया और आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक आग फैल चुकी थी।”

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