रायपुर। राजधानी की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ कई थाना प्रभारियों के तबादले भी किए गए हैं।
रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने तबादले का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बदलाव के बाद शहर के अलग-अलग जोन और थानों की कमान नए अधिकारियों के हाथों में होगी।
तारकेश्वर पटेल बने DCP सेंट्रल जोन
जारी आदेश के मुताबिक, तारकेश्वर पटेल को रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का DCP सेंट्रल जोन बनाया गया है। उन्हें शहर के महत्वपूर्ण केंद्रीय क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं दीपमाला कश्यप को DCP नॉर्थ जोन कमिश्नरेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अर्चना झा को DCP ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल कमिश्नरेट बनाया गया है।
पुलिस विभाग में इन बदलावों को प्रशासनिक आवश्यकता और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार थाना प्रभारियों का भी हुआ तबादला
DCP स्तर के बदलाव के साथ ही राजधानी के कई थानों में भी नए थाना प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। आदेश के अनुसार चार निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
नई जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं—
- सतीश सिंह गहरवार को थाना प्रभारी कोतवाली बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें एसीसीयू प्रभारी (क्राइम ब्रांच) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
- राजेश सिंह को आजाद चौक थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
- पारसराम पटेल को सरस्वती नगर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
- नरेंद्र साहू को गुढ़ियारी थाना प्रभारी बनाया गया है।
कानून-व्यवस्था को लेकर अहम बदलाव
रायपुर राजधानी होने के कारण यहां अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में रहती है। ऐसे में DCP और थाना स्तर पर किए गए बदलावों को पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने शहर में अपराध नियंत्रण, बेहतर जनसंपर्क और त्वरित पुलिस कार्रवाई जैसी कई चुनौतियां रहेंगी।
पुलिस प्रशासन में लगातार हो रहे बदलाव
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद राजधानी में पुलिस व्यवस्था को जोन आधारित तरीके से मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव कर अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
नए पदस्थ अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए काम करेंगे।