पंचायत सचिव लापरवाही
गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन तिहार समाधान शिविर में ग्राम पंचायत सितलीजोर के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव श्रीमती नवीना मांझी के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज कर प्रशासन का ध्यान खींचा। ग्रामीणों ने सचिव पर वसूली, मनमानी, लापरवाही और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता न रखने जैसे आरोप लगाए।
ग्रामीणों की मुख्य शिकायतें
- पंचायत सचिव लंबे समय से अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रही हैं।
- आम लोगों को छोटे कार्यों के लिए भी कई दिन इंतजार करना पड़ता है।
- पंचायत कार्यालय की व्यवस्था चरमरा चुकी है और गरीब ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं।
नियमों की अनदेखी और मनमानी
- पंचायत सचिव अपनी मनमर्जी से निर्णय लेती हैं।
- नियम और प्रक्रियाओं की अनदेखी से पंचायत की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
- पंचायत स्टाफ और आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप भी लगाया गया।
आर्थिक वसूली के आरोप
- जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर लगभग 1000 रुपये वसूले जा रहे हैं।
- राशन कार्ड संबंधित कार्यों के लिए भी 500 रुपये तक लिए जाते हैं।
- गरीब परिवार जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
पंचों और ग्रामीणों का रोष
- पंचायत के पंच बैसाखू नागेश ने कहा कि पंचायत प्रस्ताव बिना पंचों की सहमति पास किए जाते हैं।
- सरकारी योजनाओं और पंचायत निर्णयों की जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी जाती।
- मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल पात्र लाभार्थियों को सही समय पर जानकारी नहीं मिलती।
दिन-प्रतिदिन परेशानियां
- पंचायत सचिव के हस्ताक्षर के लिए कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं।
- पंचायत सचिव अक्सर मुख्यालय से अनुपस्थित रहती हैं, जिससे कार्यालय बंद या लोगों को लौटना पड़ता है।
- इससे पंचायत का नियमित कामकाज प्रभावित होता है और गरीब ग्रामीण सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
जिला प्रशासन से मांग
- ग्रामीणों ने जिला पंचायत के CEO से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
- उनका कहना है कि सचिव को ग्राम पंचायत सितलीजोर से स्थानांतरित कर नया जिम्मेदार नियुक्त किया जाए।
- उद्देश्य है कि पंचायत व्यवस्था सुधरे और ग्रामीणों को समय पर सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिल सके।