“साय सरकार की पहल से सशक्त हुई महिलाएं: हमेश्वरी राठौर बनीं ‘लखपति दीदी’, आत्मनिर्भरता की मिसाल”

महिला सशक्तिकरण


साय सरकार की महिला सशक्तिकरण योजना से ‘लखपति दीदी’ बनीं हमेश्वरी राठौर, आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए की जा रही योजनाओं ने अब वास्तविक और प्रेरणादायक परिणाम दिखाने शुरू कर दिए हैं। इसका एक प्रमुख उदाहरण गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत लालपुर की श्रीमती हमेश्वरी राठौर हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ निश्चय से आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बनाई है।

एक सामान्य ग्रामीण महिला से ‘लखपति दीदी’ तक

हमेश्वरी राठौर का जीवन संघर्ष, साहस और सफलता की कहानी है। एक सामान्य ग्रामीण महिला के रूप में अपनी यात्रा शुरू करने वाली हमेश्वरी ने “रिद्धी-सिद्धी स्वसहायता समूह” से जुड़कर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसी मंच से उन्हें 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जो उनके जीवन के परिवर्तन का आधार बना।

इस राशि का उपयोग उन्होंने कृषि और व्यवसाय के विकास में किया। सब्जी उत्पादन को अपना मुख्य आय स्रोत बनाते हुए, उन्होंने टमाटर, गोभी, अदरक, बरबट्टी और हल्दी जैसी फसलों की खेती शुरू की। इसके साथ ही, सेंटरिंग प्लेट बनाने का काम भी शुरू किया, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत बने।

कठिनाइयाँ और संघर्ष

शुरुआत में मौसम की अनिश्चितता, बाजार की चुनौतियां और उत्पादन की लागत जैसी कठिनाइयाँ उनके सामने आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं से मिले मार्गदर्शन और स्वसहायता समूह के सहयोग ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने परिश्रम और दृढ़ निश्चय से सभी बाधाओं को पार किया।

आज की स्थिति

आज हमेश्वरी राठौर की वार्षिक आय लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, और वे अब “लखपति दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का योगदान

हमेश्वरी राठौर की यह सफलता विष्णुदेव साय सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं और स्वसहायता समूहों के सशक्त नेटवर्क की सफलता को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ राज्य में ये योजनाएं ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *