अवैध रेत कारोबार
बस्तर जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ प्रशासन की मुहिम लगातार तेज होती जा रही है। खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई की है, जिसके परिणामस्वरूप साल भर में 26 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। यह कार्रवाई जिले में खनिजों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बिंदु:
- कुल जुर्माना: वित्तीय वर्ष 2025-26 में 32 प्रकरणों के तहत कुल 26,80,180 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
- जिले में कार्रवाई: प्रशासन ने बकावंड तहसील के बनियागांव क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी। यहां की जांच में कोई मशीन या वाहन सक्रिय नहीं पाया गया, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
- पिछली कार्रवाई: ओडिशा सीमा के पास अवैध उत्खनन के एक मामले में चैन माउंटेन पोकलेन मशीन को जब्त किया गया था, जिसके बाद 1,36,400 रुपये का जुर्माना वसूला गया था।
- अवैध परिवहन, भंडारण और उत्खनन: पिछले एक साल में, अवैध परिवहन के 22 मामलों में 8 लाख रुपये से अधिक, अवैध भंडारण के 4 मामलों में लगभग 12 लाख रुपये और अवैध उत्खनन के 6 मामलों में 6.5 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
- औचक निरीक्षण: 29 मार्च 2026 को किए गए निरीक्षण में बनियागांव और आसपास के क्षेत्रों से 4 वाहनों को पकड़कर उनके खिलाफ नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
जिला प्रशासन की मुहिम:
खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बस्तर में अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए पूरी तरह से सतत निगरानी रखी जा रही है। बकावंड क्षेत्र समेत अन्य इलाकों में स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम द्वारा चौकसी बढ़ाई गई है। इस पहल का उद्देश्य अवैध रेत व्यापार को समाप्त करना और इसके द्वारा उत्पन्न होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकना है।
नागरिकों से अपील:
खनिज अधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत प्रशासन को सूचित करें। यह कदम न केवल अवैध खनन पर नियंत्रण पाने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को इस अवैध व्यापार से होने वाले खतरों से भी बचाएगा।