पुलिस अक्सर घटना के बाद पहुंचती है, समय से पहुंचती तो घटना होने से बचाया जा सकता था, ये अल्फाज आपने फिल्मों में कई बार सुना होगा, लेकिन यूपी के मेरठ में पुलिस ने इन अल्फामों को झूठा साबित कर दिया। यहां पुलिस न केवल समय से पहुंची बल्कि एक व्यक्ति की जान भी बचाई। पूछताछ में पता चला कि युवक परिवारों से परेशान होकर आत्महत्या करने चला था। हालांकि युवक ने मरने से पहले डायल-112 पर सूचना दे दी थी। युवक की कॉल आते ही पुलिस अलर्ट हो गई और बिना समय गंवाए युवक के घर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उसकी जान बचा ली। अगर पुलिस एक मिनट बाद पहुंचती तो युवक सुसाइड कर चुका होता।
पूरा मामला परतापुर थाना क्षेत्र के उपलेहड़ा गांव का है। यहां के रहने वाले राव उमेद के बेटे आदित्य ने शुक्रवार को 112 पर फोन कर सूचना दी कि वह परिवार वालों से परेशान होकर आत्महत्या करने जा रहा है। आदित्य की कॉल जाते ही पुलिस अलर्ट हो गई और बिना देरी के सीधे आदित्य के घर पहुंच गई। पुलिस जब घर पहुंची तो आदित्य पंखे पर फंदा डालकर लटक चुका था। जैसे ही पुलिस ने आदित्य को लटका देखा तुरंत उसे बीच में ही पकड़ लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने रस्सी को किसी तरह से काटा।
इसके बाद आदित्य के गले में पड़े फंदे को निकाला। पुलिस अगर एक मिनट भी देर हो जाती तो आदित्य की जिंदगी खत्म हो जाती। पूछताछ में आदित्य ने पुलिस कर्मियों को बताया कि उसके हिस्से में तीन बीघा जमीन है, उसने अपने भाइयों से कुछ रकम उधार ली थी, जिसमें से कुछ रकम रह गई थी। उसी को लेकर परिवार वाले परेशान करते आ रहे हैं। इसको लेकर वह आत्महत्या कर रहा था।