छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई: खरीफ सीजन के बीच नियमों की अनदेखी पर तीन कीटनाशक दुकानों पर चला हंटर, एक का लाइसेंस रद्द

धमतरी जिले में खाद और कीटनाशक दुकानों पर कृषि विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी; दस्तावेज में गड़बड़ी मिलने पर दो दुकानें निलंबित, किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा।

धमतरी (प्रतीक पटनायक / छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण और सही दरों पर कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग की उड़नदस्ता टीमों ने जिलेभर के कीटनाशक विक्रय केन्द्रों (Pesticide Shops) का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। इस दौरान नियमों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताएं मिलने पर भटगांव और धमतरी क्षेत्र की दुकानों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

तीन दुकानों पर गिरी गाज: दो निलंबित, एक का लाइसेंस निरस्त

कृषि विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच अभियान के दौरान भटगांव स्थित तीन प्रमुख कीटनाशक विक्रय केन्द्रों में भारी गड़बड़ियां पाई गईं:

  1. लाइसेंस निरस्त (Cancelled): भटगांव स्थित मेसर्स गायत्री कृषि केन्द्र का कीटनाशक विक्रय लाइसेंस पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है। अब इस प्रतिष्ठान पर किसी भी प्रकार के कीटनाशकों का व्यवसाय नहीं किया जा सकेगा।
  2. लाइसेंस निलंबित (Suspended): मेसर्स गौरव कृषि केन्द्र और मेसर्स साहू कृषि केन्द्र के लाइसेंस को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

क्या मिली थीं कमियां?

जांच टीम ने पाया कि इन दोनों प्रतिष्ठानों में स्टॉक रजिस्टर और जरूरी दस्तावेजों का सही ढंग से रखरखाव नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा, दुकान पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार मूल्य सूची (Rate List) का प्रदर्शन नहीं किया गया था और स्टॉक की स्थिति भी पारदर्शी नहीं पाई गई थी।

10 अन्य केंद्रों पर भी हुई जांच, एक को नोटिस

भटगांव के अलावा कृषि विभाग की टीम ने जिले के 10 अन्य कीटनाशक विक्रय केन्द्रों की भी सघन जांच की। इनमें धमतरी शहर के अंकित ट्रेडर्स, राधा ट्रेडर्स, और शिवधारा कृषि केन्द्र के साथ-साथ देमार, बागतराई, खम्हरिया, दानीटोला, कलारतराई और सेमरा बी के कृषि केंद्र शामिल हैं।

जांच के दौरान धमतरी के मेसर्स अंकित ट्रेडर्स में भी अनियमितताएं पकड़ी गईं। विभाग ने इस प्रतिष्ठान के कीटनाशक विक्रय पर फिलहाल रोक लगाते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग के इस सख्त कदम से जिले के अन्य दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों को नकली, महंगे या बिना वैध दस्तावेजों के कीटनाशक बेचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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