दुर्ग में सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई: कुम्हारी में अवैध गुटखा फैक्ट्री का पर्दाफाश, मशीन और माल जब्त

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सेंट्रल जीएसटी (Central GST) की टीम ने टैक्स चोरी और अवैध कारोबार के खिलाफ एक बार फिर बड़ा शिकंजा कसा है। जिले के कुम्हारी इलाके में लंबे समय से चल रही एक अवैध गुटखा फैक्ट्री पर छापा मारकर अधिकारियों ने भारी मात्रा में नकली माल और मशीनें बरामद की हैं। इस कार्रवाई से स्थानीय कारोबारियों और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।

तीन गाड़ियों में सवार होकर पहुंची थी टीम

मिली जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल जीएसटी की विशेष टीम तीन अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर कुम्हारी के स्टेशन चौक स्थित इस गुप्त ठिकाने पर अचानक पहुंची। अधिकारियों को अंदेशा था कि यहां बड़े पैमाने पर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली गुटखा तैयार किया जा रहा है।

छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से:

  • नकली गुटखा बनाने वाली 2 बड़ी मशीनें जब्त कीं।
  • लगभग 30 बोरा अवैध और तैयार गुटखा अपने कब्जे में लिया।

कार्रवाई पूरी होने के बाद ज़ब्त की गई सामग्री और मशीनों को अधिकारियों ने अपने साथ गाड़ियों में लादा और आगे की जांच के लिए रायपुर ले गए।

नगपुरा इलाके में भी हुई कार्रवाई

सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि सिर्फ कुम्हारी ही नहीं, बल्कि दुर्ग जिले के ही नगपुरा क्षेत्र में भी सेंट्रल जीएसटी की टीमों ने एक अन्य अवैध फैक्ट्री पर इसी तरह की दबिश दी है। विभाग की यह कार्रवाई एक साथ कई ठिकानों पर की गई है, जिससे यह साफ होता है कि यह कोई छोटा-माोटा अवैध कारोबार नहीं बल्कि एक बड़ा नेटवर्क है।

पहले भी हुई थी ‘रजत सेल्स’ पर रेड

गौरतलब है कि कुम्हारी इलाके में ही स्थित ‘रजत सेल्स’ नामक एक फैक्ट्री पर करीब दो महीने पहले भी जीएसटी विभाग ने छापा मारा था। उस दौरान भी नकली ‘सितार’ और अन्य नामी ब्रांड्स के गुटखों के पैकेट के साथ कई दस्तावेज बरामद किए गए थे।

उस पुरानी कार्रवाई के बाद से ही सेंट्रल जीएसटी की रडार पर इस इलाके के संदिग्ध कारोबारी थे। विभाग को लगातार इनपुट मिल रहा था कि पुराने खुलासे के बाद भी अवैध कारोबारियों ने अपना ठिकाना बदलकर नए सिरे से नकली गुटखे का खेल शुरू कर दिया है। इसी सूचना के आधार पर स्टेशन रोड के इस नए ठिकाने पर यह सफल रेड मारी गई है।

फिलहाल, सेंट्रल जीएसटी की टीम ज़ब्त दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध कारोबार के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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