बलौदा बाजार: शादी का झांसा देकर दो सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म, कोर्ट ने आरोपी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

बलौदा बाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ की एक अदालत ने दो नाबालिग सगी बहनों को अपने जाल में फंसाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस कड़े फैसले से न्याय की उम्मीद जगी है और इलाके में इस बात की चर्चा जोरों पर है।

क्या था पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सिमगा थाना क्षेत्र का है। पीड़ितों के पिता ने थाने में अपनी बेटियों के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की गंभीरता को समझा और जांच शुरू की। पुलिस को तकनीकी मदद और मुखबिर की सूचना से पता चला कि दोनों बहनें महाराष्ट्र के नागपुर में हैं।

पुलिस टीम ने नागपुर पहुंचकर दोनों पीड़िताओं को सकुशल बरामद किया और उनके परिजनों को सौंप दिया। पूछताछ के दौरान जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया।

एक के बाद एक दोनों बहनों को बनाया शिकार

पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि आरोपी सनत साहू ने उसे शादी का झांसा दिया और बहला-फुसलाकर नागपुर भगा ले गया। आरोपी ने वहां उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई और एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद आरोपी उसे बीच में ही छोड़कर फरार हो गया।

हैरानी की बात तो यह है कि इसके बाद साल 2024 में आरोपी ने हिम्मत दिखाते हुए पीड़िता की छोटी नाबालिग बहन को भी अपनी साजिश का शिकार बनाया और उसे भी भगाकर किसी अन्य स्थान पर ले गया।

पुलिस की मुस्तैदी और मजबूत सबूत

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया था। इसमें तत्कालीन थाना प्रभारी डीएसपी योगिता खापर्डे, एएसआई एसके कुरैशी और एसडीओपी ऐश्वर्य चंद्राकर शामिल थे। पुलिस टीम ने दोनों नाबालिगों के स्कूल का दाखिल-खारिज रजिस्टर जब्त किया, मेडिकल रिपोर्ट्स जुटाईं और गवाहों के बयान दर्ज कर अदालत में मजबूत चालान पेश किया।

अदालत का ऐतिहासिक फैसला

अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल की अदालत में इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने पत्रावलियों, गवाहों के बयानों और मेडिकल साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया।

जुर्म साबित होने पर न्यायाधीश ने आरोपी सनत साहू को दोनों मामलों में आजीवन कारावास (उम्रकैद) और साथ ही अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि आरोपी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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