दुर्ग/भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई में चोरी की एक बड़ी वारदात का खुलासा हुआ है। पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 आरोपियों को दबोच लिया है। यह गिरोह सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी से 36 भरे हुए इंडेन गैस सिलेंडर उड़ा ले गया था, जिन्हें आरोपियों ने कौड़ियों के भाव यानी महज 2-2 हजार रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए सिलेंडर और वारदात में इस्तेमाल वाहन समेत करीब 3.50 लाख रुपये का सामान बरामद कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 18 सितंबर की है। भिलाई के कैंप-01 स्थित साक्षरता चौक के पास सर्विस रोड पर एक महिंद्रा मैक्सेमो प्लस गाड़ी खड़ी थी, जिसमें 36 भरे हुए इंडेन गैस सिलेंडर लदे हुए थे। चोरों ने इसी गाड़ी को अपना निशाना बनाया और सभी सिलेंडर चुराकर फरार हो गए।
अगले दिन यानी 19 सितंबर को पीड़ित घनश्याम कुर्रे ने थाना छावनी में इस बात की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर तत्काल जांच शुरू कर दी।
ऐसे हुआ खुलासा और बरामदगी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई तेज की। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले संदिग्ध प्रमोद देवांगन को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी प्रमोद ने बताया कि चोरी किए गए सिलेंडरों में से 16 सिलेंडर उसने जामुल स्थित जय अंबे शोरूम के पीछे छिपाकर छोड़े थे, जबकि बाकी के 20 सिलेंडर 2,000 रुपये प्रति नग के हिसाब से बेच दिए गए थे।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी और बेचे गए सभी 20 सिलेंडर बरामद कर लिए। इसके अलावा, बैकुंठ धाम दशहरा मैदान के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन और अन्य 5 सिलेंडर भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए कुल सामान की कीमत लगभग 3.50 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों के नाम
पुलिस ने इस चोरी की वारदात में शामिल सभी 8 आरोपियों को धर दबोचा है, जिन्हें गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
- प्रमोद देवांगन
- सुरेंद्र कुशवाहा
- ओमप्रकाश वर्मा
- गोपीचंद यादव
- बुद्धसेन साहू
- लता वर्मा
- उर्वशी पटेल
- तुकेश्वरी साहू
पुलिस की इस मुस्तैदी से महज 3 दिनों के भीतर ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया और चोरी गया अधिकांश माल भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।