गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के तर्रा गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। मायके पक्ष द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बाद, प्रशासन की अनुमति से कब्र की दोबारा खुदाई कराई गई और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 32 वर्षीय बबीता के रूप में हुई है। मायके पक्ष का आरोप है कि उन्होंने तीजा त्योहार के ठीक बाद 16 सितंबर को बबीता को उसके ससुराल में बिल्कुल स्वस्थ हालात में छोड़ा था। लेकिन उसी रात संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि ससुराल पक्ष ने बिना किसी पुलिस सूचना या जांच के 17 सितंबर को ही उसका अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया था।
मायके पक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
मृतका के नाक पर खून के निशान और अन्य संदेहास्पद स्थितियों को देखकर मायके वालों का शक गहरा गया। उन्होंने सीधे तौर पर ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए पांडुका थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में यह भी सामने आया है कि मृतका के पति मनोज के खिलाफ पहले से ही साल 2019 में मारपीट का मामला दर्ज है। मायके पक्ष का कहना है कि पति-पत्नी के बीच आए दिन घरेलू कलह और विवाद होते रहते थे, जिसके चलते उन्हें इस मौत के पीछे किसी गहरी साजिश का अंदेशा है।
फोरेंसिक टीम और तहसीलदार की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
परिजनों की गंभीर शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हरकत में आई। राजिम नायब तहसीलदार और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की संयुक्त टीम की मौजूदगी में सुरक्षा के बीच कब्र को खुदवाया गया।
कब्र से शव को बाहर निकालकर मौके पर ही शुरुआती फॉरेंसिक जांच की गई और फिर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस का कहना है कि पीएम (Post-Mortem) रिपोर्ट आने के बाद ही बबीता की मौत की असली वजह से पर्दा उठ सकेगा। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है।