नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी से उठा महाचक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ मंगलवार देर रात लगभग 2 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। लैंडफॉल के दौरान यहाँ 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जबकि हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटे तक पहुँच गए। तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाने के बाद अब यह चक्रवात और अधिक खतरनाक रूप लेकर अंदरूनी राज्यों की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से लेकर बिहार और झारखंड तक भारी बारिश और आंधी-तूफान का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
तटीय राज्यों में भारी तबाही
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात ‘अर्नब’ ने जमकर कोहराम मचाया है। कई जिलों में कच्चे-पक्के मकानों की छतें उड़ गईं, बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ गए और निचले इलाकों में समुद्री पानी भर जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
विभिन्न राज्यों में मौसम का हाल और अलर्ट
- छत्तीसगढ़: चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी है। सुरक्षा को देखते हुए दंतेवाड़ा, बीजापुर, बालोद, कांकेर, राजनांदगांव और धमतरी जैसे जिलों में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 90 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
- मध्य प्रदेश (MP): मौसम विभाग (भोपाल) ने एमपी के 31 जिलों में अलर्ट जारी किया है। विशेष तौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों (सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट) में भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
- झारखंड: राज्य में 28 और 29 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और चतरा जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
- बिहार: मौसम विज्ञान केंद्र (पटना) के अनुसार, 28 अक्टूबर से शुरू हुआ यह सिलसिला 1 नवंबर तक जारी रह सकता है। 29 और 30 अक्टूबर को इसका सबसे खतरनाक असर देखने को मिल सकता है, जहाँ भारी से अति भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) का भयंकर खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन की हिदायत
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम और चक्रवात के इस खतरनाक दौर में पूरी तरह सतर्क रहें। बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।