छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बड़ी कार्रवाई: IPS अफसर के बेटे से बेल्ट और कड़े से मारपीट, पुलिस ने आरोपियों का निकाला जुलूस

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक आईपीएस (IPS) अधिकारी के बेटे के साथ मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए दोनों आरोपियों का शहर में जुलूस भी निकाला और उन्हें हथकड़ी पहनाकर पैदल न्यायालय तक ले गए।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 7 सितंबर की रात करीब 10 बजे की है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (IPS) रवि कुर्रे के 24 वर्षीय बेटे लेखांश कांत कुर्रे अपने दो साथियों—विशाल सोनी और रोमी खान के साथ कार से अपने दोस्त प्रिंस गुप्ता से मिलने बौरीपारा जा रहे थे।

प्रिंस के घर के पास पहुँचने से पहले ही बौरीपारा तालाब के समीप उन्होंने अपनी कार रोकी। लेखांश कार से नीचे उतरकर फोन पर अपने दोस्त प्रिंस से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसने बातचीत के बीच में स्थानीय युवक ‘गोलू गणेश’ का नाम ले लिया। यह बात वहां पहले से मौजूद कुछ युवकों को नागवार गुजरी।

‘गोलू गणेश नहीं, बाप बोल’ कहकर शुरू हुआ विवाद

मौके पर मौजूद रतन गुप्ता और कोया डॉन नामक युवकों ने लेखांश को टोकते हुए अपशब्द कहना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने लेखांश से कहा, “गोलू गणेश नहीं, बाप बोल।” बात इतनी बढ़ गई कि गोलू गणेश ने उसका हाथ पकड़ लिया, जबकि रतन गुप्ता, कोया डॉन और आशुतोष गुप्ता ने मिलकर उस पर बेल्ट, कड़े और लात-घूंसों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

इस brutal हमले में लेखांश के सिर, चेहरे और कनपटी पर गंभीर चोटें आईं। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने उसका गला घोंटने की कोशिश भी की थी। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद उसके दोस्तों ने बीच-बचाव कर किसी तरह उसकी जान बचाई।

“तेरा बाप पुलिस वाला है तो क्या कर लेगा?”

हमले के दौरान आरोपियों के हौ इतने बुलंद थे कि उन्होंने पीड़ित को धमकाते हुए कहा, “तेरा बाप पुलिस ऑफिसर है तो हमारा क्या बिगाड़ लेगा?” घटना के बाद पीड़ित लेखांश ने तुरंत कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए गोलू गणेश, रतन गुप्ता, कोया डॉन, आशुतोष गुप्ता और उनके अन्य साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2) और 3(5) के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस ने निकाला आरोपियों का जुलूस

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस एक्शन मोड में नजर आई। पुलिस ने दो आरोपियों को धर दबोचा और शहर में उनका जुलूस निकाला। दोनों आरोपियों को हथकड़ी लगाकर थाने से सीधे कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों के मन से पुलिस का खौफ कायम करना और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ाना है।

बता दें कि पीड़ित लेखांश कांत कुर्रे अंबिकापुर के नमनाकला खटिकपारा के रहने वाले हैं और वर्तमान में एक सिक्योरिटी एजेंसी का संचालन करते हैं। वहीं, उनके पिता आईपीएस रवि वर्तमान में रायपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इससे पहले कोरिया जिले के एसपी (SP) के रूप में भी पदस्थ रह चुके हैं।

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