Raipur Illegal Liquor Seized: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अवैध शराब के कारोबार में सरकारी तंत्र से जुड़े लोग ही शामिल पाए गए हैं। आरंग पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी शराब दुकान के सुपरवाइजर, सेल्समैन और एक संकुल समन्वयक (Cluster Coordinator) शिक्षक समेत कुल 7 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 160 पाव देशी मसाला शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही 8 लाख रुपये की लग्जरी कार भी जब्त की है।

कैसे हुआ खुलासा? पुलिस की ऐसे बिछाई गई जालसाजी
आरंग थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश साहू के मुताबिक, पुलिस टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की अर्टिगा कार (CG 04 QB 5200) में ग्राम गुल्लू की सरकारी शराब भट्ठी से भारी मात्रा में अवैध शराब लोड करके रानीसागर की तरफ ले जाई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रानीसागर हनुमान मंदिर के पास तुरंत घेराबंदी कर दी। संदिग्ध कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर से 16,000 रुपये कीमत की 160 नग देशी मसाला शराब (कुल 28.800 बल्क लीटर) बरामद हुई। पुलिस ने शराब और 8 लाख रुपये की कार समेत कुल 8,16,000 रुपये का मषरूका जब्त कर लिया है।

सरकारी कर्मचारी और शिक्षक खुद बन गए थे कोचिए
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शराब दुकान के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही अवैध तस्करी (कोचियागिरी) में लिप्त थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक जिम्मेदार शिक्षक भी शामिल है।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
- तिरीत राम बांधे (45 वर्ष): निवासी परसवानी और ग्राम अमोदी, जो कि पेशे से शिक्षक एवं संकुल समन्वयक हैं।
- उबारन दास पुरेना (34 वर्ष): निवासी गुल्लू, शराब दुकान के सुपरवाइजर।
- राजेश काटले (31 वर्ष): निवासी कोडापार, शराब दुकान के सेल्समैन।
- सुरेश बांधे (36 वर्ष): निवासी परसवानी, शराब दुकान के मल्टी वर्कर।
- भरत रात्रे (38 वर्ष): निवासी परसवानी, वाहन चालक।
- दिलीप कुमार कुर्रे (50 वर्ष): निवासी अमोदी।
- भागवत बारले (38 वर्ष): निवासी अमोदी।
शिक्षा विभाग पर उठे सवाल, आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज
एक सरकारी शिक्षक और संकुल समन्वयक का नाम इस तरह अवैध शराब तस्करी में सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की साख पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। थाना प्रभारी नरेश साहू ने बताया कि सभी 7 आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह सिंडिकेट कब से सक्रिय था।