दुर्ग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के भिलाई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के एक जाने-माने निजी अस्पताल में काम करने वाले कैशियर ने ही संस्थान को लाखों का चूना लगा दिया। आरोपी कैशियर पिछले कई सालों से अस्पताल का पैसा बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रख रहा था और प्रबंधन को चकमा देने के लिए फर्जी ई-मेल का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से महंगी चीजें भी बरामद की हैं।
क्या है पूरा मामला?
स्मृति नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हाईटेक अस्पताल के संचालक मनोज अग्रवाल ने पुलिस चौकी में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
- आरोपी की पहचान: रुआबांधा निवासी जसविंदर सिंह पिछले लगभग 6 वर्षों से इस अस्पताल में कैशियर के पद पर पूरी ईमानदारी के भरोसे काम कर रहा था।
- फर्जीवाड़े का तरीका: अस्पताल में आने वाले दैनिक और अन्य भुगतानों की नकदी को बैंक में सुरक्षित जमा करने की जिम्मेदारी जसविंदर की थी। लेकिन उसने यह रकम बैंक भेजने के बजाय खुद रख ली।
- प्रबंधन को ऐसे दिया धोखा: अस्पताल प्रबंधन को किसी प्रकार का शक न हो, इसके लिए आरोपी शातिर तरीके से फर्जी ई-मेल भेजकर यह भरोसा दिलाता था कि पैसे सफलताપૂર્વक बैंक में जमा हो चुके हैं।
ऑडिट और जांच में हुआ खुलासा
अस्पताल के आंतरिक वित्तीय लेन-देन और खातों की बारीकी से जांच (Audit) के दौरान इस बड़े घोटाले की परतें खुलीं। हिसाब-किताब मिलाने पर पता चला कि कुल 32 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि गायब है।
प्रबंधन की लिखित शिकायत के बाद स्मृति नगर पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने तुरंत सभी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक स्टेटमेंट्स और अन्य डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच की। शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि कैशियर ने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर संस्थान के साथ बड़ा धोखा किया है।
पुलिस की कार्रवाई और जब्ती
जांच पुख्ता होने के बाद पुलिस ने आरोपी कैशियर जसविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस ने गबन किए गए पैसों से खरीदी गई लग्जरी सामग्री भी जब्त की है:
- आरोपी ने ठगी के पैसों से लगभग 1.50 लाख रुपये कीमत का सैमसंग (Samsung) कंपनी का एक महंगा मोबाइल फोन खरीदा था, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गबन की गई बाकी की रकम उसने कहाँ खर्च की है या कहाँ निवेश किया है। इस कार्रवाई से अस्पताल कर्मियों और स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।