शिक्षक दिवस पर बड़ा सम्मान: राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के 68 उत्कृष्ट शिक्षकों को नवाजा, सीएम साय बोले- ‘बदलाव ला रही हमारी सरकार’

रायपुर: शिक्षक दिवस के खास मौके पर राजधानी रायपुर के लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम् में “राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह वर्ष-2026” का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन और निष्ठावान सेवाएं देने वाले प्रदेशभर के 68 शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की, जबकि इस दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

शिक्षा के बिना जीवन का मूलमंत्र अधूरा: मुख्यमंत्री साय

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर साल 5 सितंबर को हम देश के महान शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का अभिनंदन करते हुए उन्होंने प्राचीन नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों का जिक्र किया और कहा कि भारत में शिक्षा का इतिहास हमेशा से गौरवशाली रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे बुजुर्गों ने भी यही सिखाया है कि बिना शिक्षा के जीवन का मूलमंत्र अधूरा है। किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए तालीम सबसे बड़ा हथियार है।

बीते कुछ सालों में शिक्षा व्यवस्था में हुए बड़े बदलाव

राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साझा करते हुए सीएम साय ने पिछले 2-3 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए ठोस कदमों की जानकारी दी:

  • शिक्षक विहीन स्कूलों पर एक्शन: सरकार के सत्ता में आते ही यह बात सामने आई थी कि प्रदेश के 200 से अधिक स्कूल शिक्षक विहीन हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ‘युक्तियुक्तकरण’ (Rationalization) की प्रक्रिया लागू की।
  • स्थानीय बोलियों को बढ़ावा: बस्तर जैसे आदिवासी बहुंचल क्षेत्रों में बच्चों को पढ़ाने के लिए स्थानीय बोलियों और भाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि वे आसानी से सीख सकें।
  • न्योता भोज और जन भागीदारी: स्कूलों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए ‘न्योता भोज’ जैसी अनूठी पहल शुरू की गई है, जिससे स्कूलों में जन भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।
  • पीएमश्री स्कूल योजना: शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए प्रदेश के 341 स्कूलों का चयन ‘पीएमश्री योजना’ (PM SHRI Schools) के तहत किया गया है।
  • शिक्षकों के रुके प्रमोशन: प्राध्यापकों, शिक्षकों और प्रोफेसरों के जो प्रमोशन लंबे समय से रुके हुए थे, उन्हें आगे बढ़ाने का काम हमारी सरकार ने किया है।

इस शानदार समारोह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने और शिक्षकों के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *