बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ताजा मामले में पलारी थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी की रकम ठिकाने लगाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध रकम ट्रांसफर करने के लिए कर रहा था।
ऐसे खुला पूरा खेल
- शिकायत का आधार: जयपुर (राजस्थान) निवासी कैलाशचंद सेन ने साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उनके साथ 1,08,644 रुपये की ठगी हुई थी।
- खाते की सुरागकशी: जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की यह पूरी रकम पलारी स्थित यूको बैंक (UCO Bank) के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी।
- पहला सुराग: पुलिस ने जब बैंक खाते के दस्तावेजों को खंगाला, तो खाताधारक खिलेंद्र वर्मा की संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ।
पूछताछ में सामने आए चौंकाने वाले राज
पुलिस ने जब आरोपी खिलेंद्र वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने इस धोखाधड़ी के कई अहम राज उगले।
- कमीशन का लालच: आरोपी ने बताया कि रायपुर निवासी दीपेश मल्होत्रा ने उसे बैंक खाता खुलवाने और अवैध कमाई का लालच दिया था।
- कब्जे में एटीएम और सिम: इस खेल का मास्टरमाइंड दीपेश मल्होत्रा ही था, जो बैंक खाते के संचालन के साथ-साथ एटीएम कार्ड और उससे जुड़ा सिम कार्ड अपने पास रखता था।
- अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल: इन बैंक खातों का उपयोग मुख्य रूप से ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड और साइबर ठगी के जरिए मिलने वाली काली कमाई को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
पलारी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से पैन कार्ड की कॉपियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में भी पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।