40 की उम्र के बाद मां बन रही एक्ट्रेसेस: जानिए लेट प्रेग्नेंसी कितनी सुरक्षित है

लेट प्रेग्नेंसी


लेट प्रेग्नेंसी: क्यों बन रही है ट्रेंड?

आजकल बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की कई एक्ट्रेसेस, जिन्होंने 30 की उम्र के बाद मां बनने का निर्णय लिया था, अब 40 के बाद भी अपने परिवार में खुशियाँ बढ़ा रही हैं। दीपिका पादुकोण, दिव्यांका त्रिपाठी, कटरीना कैफ, और सोनम कपूर जैसे सितारे इसके उदाहरण हैं, जिन्होंने 40 की उम्र के आसपास या उसके बाद अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा की। लेकिन क्या यह सच में इतना सुरक्षित है? क्या 40 की उम्र के बाद मां बनना वाकई बिना जोखिम के हो सकता है?

हमने इस बारे में नोएडा की प्रसूति और स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. रौनक खंडेलवाल से बातचीत की और जानने की कोशिश की कि लेट प्रेग्नेंसी के क्या जोखिम हो सकते हैं और इसे कैसे सुरक्षित बनाकर रखा जा सकता है।


किस उम्र में एक्ट्रेसेस हुईं प्रेग्नेंट?

  • दीपिका पादुकोण: 40 की उम्र में दूसरी बार मां बनने वाली हैं।
  • दिव्यांका त्रिपाठी: 41 की उम्र में जुड़वां बच्चों के लिए प्रेग्नेंसी की घोषणा की।
  • सोनम कपूर: 40 की उम्र में दूसरी बार बेटे की मां बनीं।
  • कटरीना कैफ: 40 की उम्र में अपनी बेटी को जन्म दिया।

यह सभी महिलाएं 40 के आसपास या उससे ऊपर की उम्र में नैचुरल तरीके से मां बनी हैं, और इसने समाज में लेट प्रेग्नेंसी को एक सामान्य ट्रेंड बना दिया है।


लेट प्रेग्नेंसी में क्या हैं जोखिम?

  • फर्टिलिटी में कमी: डॉक्टर रौनक के अनुसार, 30 की उम्र के बाद महिलाओं में फर्टिलिटी कम होने लगती है। खासकर 35 के बाद अंडों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है, जिससे गर्भधारण में मुश्किलें आ सकती हैं।
  • स्वास्थ्य समस्याएं: अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, या मिसकैरेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • समय से पहले डिलीवरी: लेट प्रेग्नेंसी में समय से पहले डिलीवरी या प्री-टर्म बर्थ का खतरा भी बढ़ सकता है।

मां की सेहत पर असर

लेट प्रेग्नेंसी से मां के शरीर पर भी असर हो सकता है। डॉक्टर रौनक कहती हैं कि:

  • कमजोरी और थकान: अगर शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं, तो डिलीवरी के बाद कमर, पीठ और पैरों में दर्द, थकान और कमजोरी हो सकती है।
  • रिकवरी में समय: 30 की उम्र में शरीर जल्दी रिकवर कर लेता है, लेकिन 40 के बाद मां बनने के बाद शरीर पहले जैसा नहीं रहता, और अतिरिक्त आराम की आवश्यकता हो सकती है।

कैसे करें लेट प्रेग्नेंसी को सुरक्षित?

लेट प्रेग्नेंसी को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है कि महिला अपनी लाइफस्टाइल का पूरा ख्याल रखें:

  1. स्वस्थ आहार: प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर आहार लें, ताकि मां और बच्चे की सेहत में कोई कमी न हो।
  2. व्यायाम: नियमित रूप से हल्का व्यायाम और योगा करने से शरीर फिट रहेगा, जिससे गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  3. प्री-नैटल चेकअप: डॉक्टर की सलाह पर नियमित चेकअप कराना और जरूरी टेस्ट करवाना ज़रूरी है।

क्या लेट प्रेग्नेंसी सुरक्षित है?

डॉ. रौनक का मानना है कि लेट प्रेग्नेंसी उन महिलाओं के लिए ज्यादा सुरक्षित है, जो अपनी सेहत का ख्याल रखती हैं। यदि आप स्वस्थ हैं, अच्छे खानपान और व्यायाम से शरीर को फिट रखते हैं, तो 35-40 की उम्र के बाद भी प्रेग्नेंसी पूरी तरह से सुरक्षित हो सकती है।

लेकिन, हमेशा यह याद रखें कि लेट प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर की निगरानी में रहना बेहद जरूरी है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समय रहते इलाज कराना और उचित डायट लेना प्रेग्नेंसी को सुरक्षित बना सकता है।

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