गांजा तस्करी
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए खुद को एक सामान्य परिवार के रूप में पेश किया था, लेकिन सटीक सूचना और सतर्कता के चलते उनकी पूरी योजना विफल हो गई। पुलिस ने कार से 18 किलो 626 ग्राम गांजा बरामद करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामला थाना सिहावा क्षेत्र का है, जहां पुलिस को सूचना मिली थी कि उड़ीसा से महाराष्ट्र की ओर एक कार में बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है।
मुखबिर की सूचना से खुला राज
पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से जानकारी मिली कि एक सफेद रंग की कार में गांजा भरकर परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर सांकरा फॉरेस्ट नाका के पास घेराबंदी की।
कुछ समय बाद संदिग्ध वाहन को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान पुलिस ने पाया कि:
- कार में दो पुरुष सवार थे।
- एक महिला भी उनके साथ थी।
- दो छोटे बच्चे भी वाहन में मौजूद थे।
- वाहन की डिक्की में कई पैकेट छिपाकर रखे गए थे।
यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ।
डिक्की से मिला 18 किलो से ज्यादा गांजा
जांच के दौरान कार की डिक्की से भूरे रंग के टेप से पैक 18 पैकेट बरामद किए गए। इन पैकेटों में कुल 18 किलो 626 ग्राम गांजा रखा हुआ था।
पुलिस द्वारा आरोपियों से गांजा परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके।
बरामद सामग्री में शामिल:
- 18.626 किलोग्राम गांजा
- एक कार
- तीन मोबाइल फोन
- अन्य सामान
जब्त संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 14 लाख रुपये बताया गया है।
उड़ीसा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था माल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे उड़ीसा के बोलनगिर और भवानीपटना क्षेत्र से गांजा खरीदकर महाराष्ट्र ले जा रहे थे। पुलिस को आशंका है कि यह मामला किसी बड़े अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
इसी कारण मामले की गहन जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
अस्पताल से फरार हुआ आरोपी, फिर दबोचा गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया था। इसी दौरान एक आरोपी पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला।
घटना के बाद:
- जिलेभर में हाई अलर्ट जारी किया गया।
- प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी की गई।
- विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
- मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
लगातार तलाश के बाद फरार आरोपी को उसी दिन पुनः गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। लगातार निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर जिले में ऐसे अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार किन राज्यों और लोगों से जुड़े हुए हैं।