जब पूरी दुनिया सोच रहा था कि भारत का स्पेस सेक्टर सिर्फ सरकार के भरोसे चल रहा है
तब हैदराबाद के कुछ 28 – 28 साल के युवाओं ने एक ऐसा धमाका कर दिया जिसने एलन मस्क की कंपनी SpaceX
तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है मिशन आगमन के तहत स्काईरूट एयरोस्पेस
के इन नौजवानों ने 7 मंजिला ऊंचा रॉकेट विक्रम 1 बनाकर सीधे अंतरिक्ष में पहुंचा दिया, इस ऐतिहासिक karishma
को देखकर बिजनेसमैन गौतम अदाणी भी खुद को रोक नहीं paaya, और उन्होंने इस युवा जोश को सलाम किया
बाकी मीडिया आपको सिर्फ एक सामान्य लॉन्चिंग की खबर देगा लेकिन इसके पीछे का असली सच भारत
को दुनिया के एक बेहद शक्तिशाली एलीट क्लब में शामिल करने का है इस कामयाबी के साथ भारत अब अमेरिका
और चीन के बाद दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया है ,जहां किसी प्राइवेट कंपनी ने सफलतापूर्वक अपने रॉकेट को
स्पेस ऑर्बिट में पहुंचाया हैयह सीधे तौर पर ग्लोबल कमर्शियल स्पेस मार्केट में भारत की बादशाहत की शुरुआत है
इस मिशन का सबसे बड़ा ताकत इसकी टीम है जब अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
X पर स्काईरूट के फाउंडर्स पवन चंदाना भारत डाका और इसरो को बधाई दी तो उन्होंने लिखा:
” इतिहास रच दिया गया है ! विक्रम-1 ने अपने सभी उद्देश्यों को शानदार तरीके से पूरा किया । इस टीम की औसत उम्र सिर्फ
28 वर्ष है। यह पूरी दुनिया के लिए इस बात का प्रमाण है कि युवा भारत क्या हासिल कर सकता है। यही असली आत्मनिर्भर भारत है !“
तकनीकी रूप से यह 4 स्टेज वाला रॉकेट पृथ्वी से 450 किलोमीटर ऊपर लो अर्थ ऑर्बिट (LEO)
में सैटेलाइट्स को उनकी सही जगह पर स्थापित करने की ताकत रखता है, इसे विशेष रूप से छोटे सैटेलाइट्स को तेजी से और
on demand अंतरिक्ष में भेजने के लिए बनाया गया है यानी अब सैटेलाइट लॉन्चिंग के लिए किसी विदेशी तकनीक या लंबे इंतजार की जरूरत नहीं होग।
यह सिर्फ एक रॉकेट की सफल लॉन्चिंग नहीं हैबल्कि दुनिया के सामने नए भारत की उस युवा शक्ति का खुला ऐलान है,जिसे देखकर
आज पूरी दुनिया तालि बजा रहा है। जय हिंद !