गिरिराज सिंह रायपुर दौरा
केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे हैं। अपने प्रवास के दौरान वे विभिन्न सरकारी, सामाजिक और जनसंपर्क कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत की और केंद्र सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों पर भी अपनी बात रखी।
गिरिराज सिंह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रायपुर में भी विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में होंगे शामिल
अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियां:
- विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में सहभागिता
- हैंडलूम, हस्तशिल्प, सिल्क और टेक्सटाइल विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक
- विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों में भागीदारी
- स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं से संवाद
- विकास योजनाओं की समीक्षा
बताया जा रहा है कि सम्मेलन में केंद्र सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विशेष चर्चा की जाएगी।
नक्सलवाद पर क्या बोले गिरिराज सिंह?
मीडिया से चर्चा के दौरान गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। उन्होंने इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों की सराहना की और प्रधानमंत्री के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताया।
उनके अनुसार विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर लगातार काम होने से प्रदेश में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
राजनीतिक सवालों पर भी दिया जवाब
मीडिया ने जब उनसे विपक्षी नेताओं के बयानों को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी प्रकार का “ऑपरेशन” नहीं चलाती।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं को अपने कार्यों का परिणाम स्वयं भुगतना पड़ता है। उन्होंने विपक्षी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का ऐसे आरोपों से कोई संबंध नहीं है।
दूसरे दिन होंगे विशेष कार्यक्रम
13 जून को केंद्रीय मंत्री कई सामाजिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।
दूसरे दिन का संभावित कार्यक्रम:
- सफाई अभियान में सहभागिता
- पौधरोपण कार्यक्रम
- सदर बाजार क्षेत्र में जनसंपर्क
- बुढ़ातालाब इलाके का दौरा
- स्थानीय लोगों से मुलाकात
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनसंवाद को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
टेक्सटाइल और हस्तशिल्प क्षेत्र पर रहेगा फोकस
दौरे के दौरान हैंडलूम, हस्तशिल्प, सिल्क और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और केंद्र सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में ऐसी बैठकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।