जनगणना 2027 अवकाश प्रतिबंध
उत्तर बस्तर कांकेर जिले में जनगणना 2027 के कार्यों को समयबद्ध और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने जनगणना से संबंधित सभी अधिकारी और कर्मचारियों का अवकाश 15 अप्रैल से 10 जून 2026 तक निरस्त कर दिया है, ताकि जनगणना कार्य बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
आदेश के मुख्य बिंदु:
- अवकाश प्रतिबंध: जिले के सभी मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य जनगणना कार्य से संबंधित कर्मचारियों का अवकाश 15 अप्रैल से 10 जून 2026 तक प्रतिबंधित किया गया है।
- विशेष परिस्थितियाँ: केवल विशेष परिस्थितियों में ही किसी कर्मचारी को अवकाश देने का निर्णय लिया जाएगा, जो संबंधित अधिकारी की पूर्व अनुमति पर निर्भर करेगा।
- मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध: जनगणना से जुड़े कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते हैं।
- स्वीकृति प्रक्रिया: यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अवकाश लेना चाहता है, तो उसके लिए अवकाश की स्वीकृति कलेक्टर और प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी द्वारा दी जाएगी। तहसील स्तर पर अवकाश स्वीकृति संबंधित अनुविभागीय जनगणना अधिकारी द्वारा दी जाएगी।
आदेश का उद्देश्य:
यह आदेश जनगणना 2027 के लिए कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह राष्ट्रीय कार्य अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इसमें किसी प्रकार की देरी या विघ्न नहीं आना चाहिए। जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार का विघ्न प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अवधि के दौरान अपनी पूरी तन्मयता से काम करना होगा।
कर्मचारियों से अपील:
कलेक्टर ने सभी जनगणना कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपने कार्यों में पूरी तत्परता और ईमानदारी से योगदान दें, ताकि यह राष्ट्रीय कार्य सफलतापूर्वक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिस्थितियों में अवकाश की आवश्यकता महसूस होती है, वे संबंधित अधिकारी से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही अवकाश ले सकते हैं।