मुख्य बिंदु:
- बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठियों के लिए नई नीति लागू की।
- अब पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ (Border Security Force) को सौंपा जाएगा।
- इस नीति के तहत घुसपैठियों को अदालत में पेश नहीं किया जाएगा, और उन्हें तुरंत बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।
- इस कदम को “पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो” ढांचे का हिस्सा बताया गया है।
नीति का उद्देश्य:
- अवैध प्रवास पर नियंत्रण और भारत में कानून व्यवस्था बनाए रखना।
- सीएए के तहत नागरिकता के लिए पात्र न होने वाले अवैध घुसपैठियों को अदालत की प्रक्रिया से सीधे बाहर करना।
- पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिकारिक विवरण:
- पुलिस आयुक्त और RPF को निर्देश हैं कि यदि कोई अवैध प्रवासी हावड़ा थाने में हिरासत में लिया जाता है, तो उसे अदालत में नहीं भेजा जाएगा।
- डीजीपी के माध्यम से साप्ताहिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
- इस नीति का आधार आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के आधुनिक तकनीक-आधारित ढांचे पर रखा गया है।
संक्षेप में:
सुवेंदु सरकार अब अवैध घुसपैठियों को तेज और सीधे तरीके से बांग्लादेश लौटाने पर ध्यान दे रही है। अदालतों में पेश करने की प्रक्रिया को समाप्त कर, इसे बीएसएफ के माध्यम से तुरंत निर्वासन तक सीमित किया गया है।