नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में आगामी कांवड़ यात्रा, मानसून की तैयारियों और सरकारी स्कूलों के कायाकल्प को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। डीडीसी (DDC) एपेक्स कमेटी की बैठक में उन्होंने साफ कहा कि बारिश के दौरान जलभराव किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से काम करना होगा।
बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ जर्जर सरकारी स्कूलों के पुनर्विकास, कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं, अनधिकृत कॉलोनियों में विशेष शिविर और राजधानी के विकास कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
जलभराव पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली में जलभराव की समस्या को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाई जाए।
उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए यह मायने नहीं रखता कि सड़क या नाला किस विभाग के अधीन है। जनता केवल समस्या का समाधान चाहती है। इसलिए PWD, MCD, दिल्ली जल बोर्ड (DJB), DDA और अन्य एजेंसियां मिलकर काम करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित न रहने, बल्कि स्वयं फील्ड में जाकर हालात का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
इन इलाकों पर रहेगी विशेष नजर
बैठक में राजधानी के कई संवेदनशील जलभराव वाले क्षेत्रों की समीक्षा की गई, जिनमें प्रमुख रूप से—
- बलजीत नगर
- पटेल नगर
- संगम विहार
- बवाना
- किराड़ी सेक्टर 20 से 24
- पटपड़गंज
- मुंगेशपुर
- रामा विहार
- खेड़ी पुल
- लक्ष्मी नगर
- कृष्णा नगर
- मंडावली
मुख्यमंत्री ने इन क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशन, नालों की सफाई, ड्रेनेज कनेक्टिविटी और संयुक्त परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
‘मिशन कायाकल्प’ के तहत बदलेंगे सरकारी स्कूल
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने ‘मिशन कायाकल्प’ शुरू किया है।
इस योजना के तहत—
- प्रत्येक जिला अधिकारी को दो सबसे जर्जर सरकारी स्कूलों का चयन करने की जिम्मेदारी दी गई।
- ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इन स्कूलों के पुनर्विकास का कार्य कराया गया।
- उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आधारभूत सुविधाएं भी सरकार की प्राथमिकता हैं।
CSR और जनभागीदारी की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई सरकारी स्कूलों में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR), जनसहयोग और क्राउड फंडिंग के माध्यम से उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
उन्होंने अधिकारियों से ऐसे नवाचारों को अन्य जिलों में भी अपनाने का आग्रह किया ताकि सरकारी विद्यालयों का स्तर और बेहतर बनाया जा सके।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर विशेष जोर
आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- पूर्व वर्षों में शिविर लगाने वाली पंजीकृत संस्थाओं से समय रहते समन्वय करें।
- पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, बिजली और यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
पीएम उदय योजना के तहत लगेंगे विशेष कैंप
बैठक में मुख्यमंत्री ने पीएम उदय योजना के तहत दिल्ली की सभी अनधिकृत कॉलोनियों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को 31 अक्टूबर की अंतिम तिथि से पहले पंजीकरण कराने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इन मुद्दों पर भी हुई समीक्षा
बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई—
- मिनी सचिवालयों की स्थापना
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रगति
- जिला स्तर पर शनिवार की जनसुनवाई
- सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान
- नागरिकों के लिए कूलिंग जोन
- विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट
अतिक्रमण हटाने और हरियाली बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD को फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने—
- 70 लाख पौधारोपण अभियान में सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने,
- डस्ट मिटिगेशन के तहत सड़कों के सेंट्रल वर्ज और खाली क्षेत्रों में घास एवं हरित आवरण विकसित करने,
- राजधानी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया।
बैठक के प्रमुख फैसले
- जलभराव पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने के निर्देश।
- संवेदनशील इलाकों में पंपिंग, ड्रेनेज और नालों की सफाई तेज होगी।
- ‘मिशन कायाकल्प’ के तहत जर्जर सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण।
- कांवड़ यात्रा के लिए पेयजल, स्वास्थ्य और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था।
- पीएम उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में विशेष शिविर।
- अतिक्रमण हटाने, पौधारोपण और डस्ट मिटिगेशन अभियान को गति।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में विकास कार्यों की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और नागरिक सुविधाओं में लगातार सुधार सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।