Brent Oil Crash: US-ईरान पीस डील की खबर से क्रूड ऑयल धड़ाम, पहली बार $100 के नीचे आया भाव!

Brent Oil Price

भारत समेत पूरी दुनिया के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Oil Price में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार, 25 मई को शुरुआती एशियाई कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 5% से ज्यादा टूट गई और यह पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया। वहीं अमेरिकी क्रूड WTI भी करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता है। लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन यानी MoU को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इससे वैश्विक बाजार में डर कम हुआ है और तेल की सप्लाई को लेकर भरोसा बढ़ा है।

क्या है US-ईरान पीस डील?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर काफी हद तक बातचीत पूरी हो चुकी है। हालांकि कुछ मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं।

इस डील का सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ सकता है। यह दुनिया का बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल और LNG सप्लाई का लगभग 20% गुजरता है। यदि यह रास्ता पूरी तरह सामान्य हो जाता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई तेज हो जाएगी और कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

क्यों गिरा क्रूड ऑयल?

तेल बाजार में पिछले कई हफ्तों से युद्ध और तनाव के डर से कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं। लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं।

गिरावट की बड़ी वजहें:

  • अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति
  • होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीद
  • वैश्विक सप्लाई बढ़ने की संभावना
  • निवेशकों में डर कम होना
  • ऊर्जा बाजार में स्थिरता के संकेत

शिकागो स्थित निवेश कंपनी के विशेषज्ञ हैरिस खुर्शीद के मुताबिक, बाजार में लंबे समय से सबसे खराब स्थिति की आशंका के कारण तेल की खरीद बढ़ गई थी। लेकिन अब बातचीत आगे बढ़ने से डर तेजी से खत्म हो रहा है।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने से भारत को बड़ा फायदा मिल सकता है।

संभावित फायदे:

  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत
  • महंगाई कम होने की उम्मीद
  • परिवहन लागत घट सकती है
  • एयरलाइन और लॉजिस्टिक सेक्टर को फायदा
  • रुपये पर दबाव कम हो सकता है

यदि Brent Oil Price लगातार नीचे रहती है तो आने वाले समय में आम लोगों को भी ईंधन कीमतों में राहत मिल सकती है।

बाजार की नजर अब आगे क्या?

हालांकि अभी समझौता पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। इसलिए बाजार की नजर अब आने वाले दिनों की बातचीत पर रहेगी।

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर US-ईरान डील पूरी हो जाती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं अगर बातचीत टूटती है तो बाजार फिर से उछाल पकड़ सकता है।

फिलहाल वैश्विक बाजार में राहत का माहौल है और निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में ऊर्जा संकट कम हो सकता है।

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