तेंदूपत्ता अग्निकांड के बीच डीएफओ रमेश जांगड़े के समर्थन में उतरे कर्मचारी, वन मंत्री को भेजा ज्ञापन..

बीजापुर वनमंडल के अधिकारियों-कर्मचारियों ने बताया कुशल प्रशासक, कहा— उनके नेतृत्व में मिला बेहतर कार्य वातावरण

बीजापुर के इटपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में हुई भीषण आगजनी और उसके बाद वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) रमेश कुमार जांगड़े को हटाए जाने की कार्रवाई के बीच अब वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उनके समर्थन में सामने आए हैं

विभागीय कर्मचारियों द्वारा वन मंत्री केदार कश्यप को एक ज्ञापन सौंपकर जांगड़े को पुनः बीजापुर वनमंडल में पदस्थ रखने का अनुरोध किया गया है

ज्ञापन में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उल्लेख किया है कि रमेश कुमार जांगड़े के कार्यकाल में बीजापुर वनमंडल में प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा मिली और कर्मचारियों को कार्य करने के लिए सकारात्मक वातावरण प्राप्त हुआ। कर्मचारियों का दावा है कि जांगड़े के नेतृत्व में वनमंडल के अधिकांश कार्य समय-सीमा के भीतर पूरे किए गए तथा विभागीय समन्वय भी बेहतर रहा

कर्मचारियों ने ज्ञापन में यह भी कहा है कि जांगड़े अपने सहज व्यवहार, कार्यशैली और कर्मचारियों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण के कारण विभाग में लोकप्रिय रहे हैं। उनके स्थानांतरण से विभागीय कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताते हुए कर्मचारियों ने शासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है

गौरतलब है कि 25 मई को बीजापुर जिले के इटपाल स्थित एक निजी गोदाम में तेंदूपत्ता में आग लगने से करोड़ों रुपये के नुकसान का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने सख्त रुख अपनाते हुए डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े को तत्काल प्रभाव से हटाकर रायपुर मुख्यालय संबद्ध कर दिया था तथा मामले की जांच के निर्देश दिए थे

हालांकि विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि घटना की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है,ऐसे में किसी अधिकारी के पूरे कार्यकाल का मूल्यांकन केवल एक घटना के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कर्मचारियों ने जांगड़े के कार्यों और उपलब्धियों को भी ध्यान में रखने की मांग की है

अब सबकी नजर शासन और वन मंत्री के अगले फैसले पर टिकी है कि कर्मचारियों के इस ज्ञापन और समर्थन के बाद आगे क्या निर्णय लिया जाता है..

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