बीजापुर (छत्तीसगढ़) में तेंदूपत्ता सीजन के दौरान सहकारिता प्रबंधकों की हड़ताल से संग्रहण कार्य प्रभावित न हो, इसलिए सरकार ने एस्मा (ESMA) लागू किया ।
एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण संग्राहकों को हड़ताल से होने वाले नुकसान से बचाना और तेंदूपत्ता खरीदी को निर्बाध रूप से चालू रखना है।तेंदूपत्ता कार्य और एस्मा (ESMA) से जुड़ी मुख्य बातें:हड़ताल पर रोक: एस्मा लागू होने के बाद सहकारी समिति के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल नहीं कर सकते। ऐसा करने पर यह एक दंडनीय अपराध माना जाता है।संग्राहकों को सुरक्षा: इसका सीधा लाभ स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों को मिलता है। उन्हें बिना किसी बाधा के उचित दर पर अपना पत्ता बेचने की सुविधा मिलती है।पारिश्रमिक दर: छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर ₹5500 प्रति मानक बोरा निर्धारित है।



