“सूरत में नकली घी फैक्ट्री का भंडाफोड़, 36 लाख का माल जब्त; स्वास्थ्य से खिलवाड़ का खुलासा”

नकली घी


सूरत में नकली घी फैक्ट्री का भंडाफोड़, 36 लाख का माल जब्त

गुजरात के सूरत शहर में पुलिस ने एक बड़ा मिलावटखोरी रैकेट उजागर किया है, जिसमें नकली घी बनाने वाली एक फैक्ट्री का पर्दाफाश किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 2,000 किलोग्राम नकली घी बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है। कुल मिलाकर, जब्त किए गए सामान की कीमत लगभग 36 लाख रुपये तक आंकी गई है। इस मामले ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरे को उजागर किया है।

कैसे तैयार किया जाता था नकली घी?

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि इस फैक्ट्री में नकली घी बनाने के लिए पाम ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, वनस्पति घी, मक्खन, एसेंस और फूड कलर का इस्तेमाल किया जाता था। इन सामग्री को मिलाकर एक ऐसा उत्पाद तैयार किया जाता था, जो असली घी जैसा दिखता था, लेकिन उसके स्वास्थ्य पर खतरनाक प्रभाव पड़ सकते थे।

घी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री:
  • पाम ऑयल और वेजिटेबल ऑयल: तेल के मिश्रण से नकली घी तैयार किया जाता था।
  • वनस्पति घी और मक्खन: ये सामग्री असली घी की संरचना की नकल करती थीं।
  • फूड कलर और एसेंस: नकली घी को रंग और खुशबू देने के लिए उपयोग किए जाते थे, ताकि यह असली घी जैसा दिखे।

नकली घी का व्यवसाय और इसके दुष्परिणाम

इस गिरोह का नेटवर्क कई व्यापारियों से जुड़ा हुआ था और यह विभिन्न जगहों पर नकली घी की आपूर्ति करता था। इस उत्पाद का उपयोग करने से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक परिणाम हो सकते थे, जैसे पेट की समस्याएं, हार्ट डिजीज और अन्य गंभीर रोग।

सूरत पुलिस का बयान:

सूरत के डीसीपी (SOG) राजदीप सिंह नकुम ने जानकारी दी कि यह अवैध कारोबार पिछले दो साल से चल रहा था। पुलिस ने मौके से कई उपकरण, कच्चा माल और तैयार उत्पाद जब्त किए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

लोगों से अपील:

प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें और केवल प्रमाणित व विश्वसनीय ब्रांड का उपयोग करें। नकली घी के इस्तेमाल से न सिर्फ स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह एक गंभीर अपराध भी है।

आगे की कार्रवाई

अब पुलिस ने इस मामले में और ज्यादा गिरफ्तारियों की संभावना जताई है और यह भी साफ किया है कि मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि वे इस रैकेट से जुड़े और गिरोहों का भी पर्दाफाश करेंगे, ताकि इस तरह के धोखाधड़ी और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को सजा दिलवाई जा सके।

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