“शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेता: सरकार की मजबूत कड़ी, योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में अहम भूमिका – उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव”

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने हाल ही में लोरमी में आयोजित प्रदेश स्तरीय शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेता एवं संचालक संघ के सम्मेलन में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं को उनकी जिम्मेदारी और योगदान के लिए सराहा और उनकी 6 प्रमुख मांगों पर गंभीर विचार करने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने संघ के सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की।

पारदर्शिता और प्रभावशीलता में सुधार:

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सम्मेलन में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) आम जनता के जीवन से सीधे जुड़ी हुई एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। उन्होंने इस प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने में शासकीय उचित मूल्य दुकानदारों की भूमिका को सराहा। उनके अनुसार, विक्रेता केवल राशन वितरक नहीं हैं, बल्कि वे सरकार की मजबूत कड़ी हैं, जो योजनाओं को धरातल पर उतारने में महती भूमिका निभाते हैं।

समाज की सेवा में भूमिका:

श्री साव ने यह भी बताया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेता सामाजिक दायित्व का निर्वाहन करते हुए, न केवल खाद्यान्न की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, बल्कि वे हजारों परिवारों के जीवन में सुधार लाने का एक अहम हिस्सा बनते हैं। उनकी मेहनत और समर्पण से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जरूरतमंदों को राशन मिल रहा है, जो सरकार की गरीबी उन्मूलन और सामाजिक न्याय की योजनाओं का हिस्सा है।

विक्रेताओं की मांगों पर गंभीर चर्चा:

संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी छह प्रमुख मांगों को उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिनमें बेहतर राशन वितरण, विक्रेताओं के वेतन में वृद्धि, और उनकी कार्यशील स्थिति को सुधारने के उपाय शामिल थे। श्री साव ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया और विक्रेताओं के लिए राज्य सरकार की तरफ से उचित कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

सामुदायिक भवन के लिए 15 लाख की घोषणा:

उप मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं और संचालकों के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की। इससे न केवल उनके कार्यक्षेत्र में एक स्थिरता आएगी, बल्कि उनके सामाजिक और सामुदायिक सहयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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