होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: अमेरिका ने ईरानी नौकाओं पर किया हमला, तेल परिवहन पर खतरा बढ़ा

होर्मुज जलडमरूमध्य


अमेरिका ने लिया कड़ा कदम: ईरानी नौकाओं पर हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में घोषणा की कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सात ईरानी नौकाओं पर हमला किया। उनका उद्देश्य खाड़ी में फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकालना था। अमेरिका के अनुसार यह कदम “प्रोजेक्ट फ्रीडम” का हिस्सा है, जो फंसे हुए समुद्री जहाजों को मुक्त कराने के लिए शुरू किया गया था।


खाड़ी में तनाव बढ़ा

  • संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण कोरिया ने जहाजों पर हमलों की सूचना दी।
  • फुजैराह तेल बंदरगाह में आग लगने की खबर सामने आई।
  • ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है।

फरवरी में अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद, होर्मुज जलडमरूमध्य काफी हद तक अवरुद्ध हो गया था। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर दिया, जो दुनिया के लगभग 20% तेल और LNG के परिवहन के लिए जरूरी है।


अमेरिकी और ईरानी दावे

  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने सात छोटी नौकाओं को निशाना बनाया।
  • अमेरिकी सेना ने हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर नौकाओं पर हमला किया।
  • ईरानी मीडिया ने इसका खंडन किया और बताया कि केवल दो छोटे मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया, जिसमें 5 नागरिक मारे गए।

ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत पर गोलियां चलाने के दावे को भी नकारा, जबकि अमेरिका ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया।


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने हमलों को अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य बताया।
  • ब्रिटेन: प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने खाड़ी में अपने साझेदारों की रक्षा के लिए समर्थन जारी रखने की बात कही।
  • कतर: जलडमरूमध्य को बिना शर्त खोलने की मांग की।

प्रोजेक्ट फ्रीडम: अमेरिका का समुद्री अभियान

रविवार को राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका “प्रोजेक्ट फ्रीडम” के तहत फंसे जहाजों को समुद्री मार्ग से बाहर निकालने में मदद करेगा। फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अनुमानित 20,000 नाविक 2,000 जहाजों पर फंसे हुए हैं।

यह स्थिति दुनिया की तेल और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर जलमार्ग बंद रहता है, तो वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आ सकता है और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।

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