“कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में भारत को चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि”

संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि: छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी

रायपुर: छत्तीसगढ़ की संजू देवी को उनके शानदार कबड्डी प्रदर्शन के लिए 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। संजू देवी ने बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप और एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह राशि राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा दी गई है, और छत्तीसगढ़ में किसी खिलाड़ी को दी गई यह सबसे बड़ी प्रोत्साहन राशि है।

सम्मान समारोह: संजू देवी को 50 लाख का इनाम

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित अपने कार्यालय में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया, जिसमें संजू देवी को यह राशि सौंपी। इस मौके पर, बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को एक कबड्डी मैट भी प्रदान किया गया। इस सम्मान से संजू देवी की मेहनत और उपलब्धियों का महत्व और भी बढ़ गया है।

संजू देवी का शानदार प्रदर्शन

संजू देवी ने कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को 35 अंक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, जिनमें से 16 अंक अकेले उन्होंने हासिल किए थे। बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) चुना गया था। इसके अलावा, उन्होंने एशियन कबड्डी चैंपियनशिप 2025 में भी भारत को चैंपियन बनाने में मदद की।

संजू देवी, जो कोरबा के केराकछार गांव से हैं, अब बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। वह राज्य की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने भारत को दो बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में स्वर्ण पदक दिलाए हैं।

कड़ी मेहनत और संघर्ष से मिली सफलता

संजू देवी की सफलता कोई आसान सफर नहीं था। गरीब परिवार से आने वाली संजू ने खेल के प्रति अपनी जुनून और समर्पण से तमाम कठिनाइयों को पार किया। उन्होंने गरीबी और अभावों के बावजूद कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती और संघर्ष के साथ अपनी जगह बनाई। आज संजू देवी का नाम कबड्डी जगत में एक प्रेरणा बन चुका है।

संजू के संघर्ष ने यह सिद्ध कर दिया है कि मानसिक मजबूती और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। वह कहती हैं, “बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है।”

भारतीय टीम में चयन और भविष्य की योजनाएं

संजू देवी ने कबड्डी विश्व कप तक के अपने सफर के बारे में बताया कि ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट और ऑल इंडिया टूर्नामेंट में भाग लेने के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी स्थान दिया गया।

संजू का इंडिया कैंप में चयन और वहां के प्रदर्शन ने उन्हें एशियन कबड्डी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह दिलाई। वह अब तक गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में भाग ले चुकी हैं।

खेल में करियर बनाने की प्रेरणा

संजू की सफलता ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत के युवाओं को खेल के प्रति अपने जुनून और समर्पण के बारे में सोचने का अवसर दिया है। वह अपनी सफलता के बारे में कहते हुए कहती हैं, “जब आप पहली सीढ़ी पार करते हैं, तो अगली सीढ़ी चढ़ने का रास्ता मिलता है।”

भविष्य में और उपलब्धियां

संजू देवी का यह 50 लाख रुपये का इनाम केवल उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक है, बल्कि यह उनके भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद भी जगाता है। इस राशि से संजू को अपनी प्रशिक्षण यात्रा और खेल के उपकरण में मदद मिलेगी, जिससे वह आगे भी भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करती रहेंगी।


संजू देवी की उपलब्धियां कबड्डी और खेल जगत के लिए एक मिसाल हैं। उनका समर्पण और कड़ी मेहनत हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। छत्तीसगढ़ की इस बेटी ने अपनी मेहनत और संघर्ष से न केवल अपनी जगह बनाई, बल्कि पूरे राज्य और देश का नाम भी रोशन किया।

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