कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण: 19,200 मानक बोरे का लक्ष्य, 25 अप्रैल से खरीदी की संभावना
कोंडागांव, छत्तीसगढ़ में 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कोंडागांव वनमंडल ने इस वर्ष के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य तय किया है। वनमंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह के अनुसार, इस वर्ष कोंडागांव वनमंडल के अंतर्गत 13 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 245 संग्रहण केंद्रों में 19,200 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है।
इस कार्य में 31 हजार परिवारों को जोड़ा गया है, जिनमें से प्रत्येक संग्राहक को 500 गड्डी गुणवत्ता युक्त तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जाएगा, और तेंदूपत्ता खरीदी की प्रक्रिया 25 अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
तेंदूपत्ता संग्रहण की प्रक्रिया और व्यवस्थाएं
चूड़ामणि सिंह ने बताया कि इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण में गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाएगी, और इसके लिए वन विभाग ने सख्त गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्थाएं तैयार की हैं। विभाग ने तेंदूपत्ता के संग्रहण, प्रसंस्करण और भंडारण के कार्य के लिए करीब 700 कर्मचारियों को तैनात किया है, जिनमें 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी, 7 जोनल अधिकारी, 13 पोषक अधिकारी, 245 फड़ अभिरक्षक, 245 फड़ मुंशी, गोदाम प्रभारी और उडऩदस्ता दल शामिल हैं।
कोंडागांव कलेक्टर के निर्देश
कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने इस तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इससे जुड़े ग्रामीणों को अधिकतम लाभ मिल सके। कलेक्टर ने संग्राहकों तक बीमा और छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ पहुंचाने के भी निर्देश दिए हैं।
तेंदूपत्ता संग्रहण का महत्व
तेंदूपत्ता संग्रहण न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिले के आदिवासी और ग्रामीण परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत भी है। कोंडागांव और आसपास के क्षेत्र में तेंदूपत्ता का संग्रहण एक पारंपरिक व्यवसाय है, जिसमें हजारों परिवार हर वर्ष अपनी जीवनयापन के लिए जुड़ते हैं। इस वर्ष का संग्रहण लक्ष्य और ब्याज दर ग्रामीणों को अधिक आय प्राप्त करने का मौका प्रदान करेगा।
भविष्य की योजनाएं
विभाग ने इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत की है। कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार, संग्राहकों को शासकीय योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा, सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में भी सहायता दी जाएगी। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें अधिक समृद्ध बनाना है।
इस वर्ष का तेंदूपत्ता संग्रहण निश्चित रूप से कोंडागांव के स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है। विभाग द्वारा की गई योजनाओं और तैयारियों के साथ, यह उम्मीद की जा रही है कि इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण में उच्च गुणवत्ता के साथ-साथ ग्रामीणों को अच्छे लाभ मिलेंगे।